दिल्ली में प्रतिबंध के कारण 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान, व्यापारी पहुंचे दिल्ली हाई कोर्ट
क्या है खबर?
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के कारण लगाए गए प्रतिबंधों से हुए नुकसान से परेशान वकीलों और व्यापारियों ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रतिबंधों के कारण व्यापारियों को 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कोर्ट से नामित विरोध स्थलों पर मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) लागू करने की मांग की है। कोर्ट ने मंगलवार को याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी है।
याचिका
सरकार ने नहीं जताई याचिका पर कोई आपत्ति
याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने कहा, "हम केवल सु्प्रीम कोर्ट द्वारा पहले से निर्धारित SoP का कार्यान्वयन चाहते हैं...हम केवल अपने मौलिक अधिकारों के कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं।"
इस दौरान, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही विरोध प्रदर्शन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
हालांकि, उन्होंने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा इन याचिकाओं की सुनवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
सुनवाई
प्रदर्शनकारियों पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला
हाई कोर्ट भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें 10 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वाले कथित 'असामाजिक तत्वों' के खिलाफ जांच की मांग की गई है।
इसमें विरोध स्थलों को लेकर चिंताओं पर एक याचिका पर सुनवाई होने की भी संभावना है।
बता दें कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पिछले कई दिनों से प्रदर्शन चल रहे हैं।