क्या है 8 साल पुराना मामला, जिसमें ध्रुव राठी को फिर जारी हुआ समन?
क्या है खबर?
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी को 8 साल पुराने मामले में नया समन जारी किया है। यह समन तब भेजा गया, जब राठी दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए हुए हैं और गुरुग्राम स्थित अपने आवास पर हैं। आज तक के मुताबिक, कोर्ट ने समन को इतनी गंभीर से लिया कि शिकायतकर्ता को समन तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ भी जाने को कहा दिया।
विवाद
किस मामले में भेजा गया समन
यह मामला भाजपा के IT सेल के सदस्य विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे से जुड़ा है, जिन्होंने 2018 में राठी के खिलाफ शिकायत दी थी।
पांडे का आरोप है कि राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर उनके खिलाफ भ्रामक वीडियो बनाया था।
साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पांडे की नए समन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के बाद 12 अक्टूबर को समन का आदेश दिया।
पहले सुनवाई 20 नवंबर को होनी थी, जो अब 17 अक्टूबर को होगी।
समन
आखिर 8 साल बाद क्यों जारी किया गया समन?
राठी जर्मनी में रहते हैं। वह भारत कम आते हैं। ऐसे में उनको समन भेजने समस्या में हो रही थी।
अब जब वे प्रदर्शन के बहाने दिल्ली पहुंचे तो उनको समन भेजने में देर नहीं की गई।
कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता पिछले कई वर्षों से आरोपी को नोटिस भेजने की कोशिश कर रहा है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि राठी को शुरू में जुलाई 2019 में तलब किया गया था।
मामले
राठी पर दर्ज हैं कई मामले
राठी के खिलाफ कोई एक मामला नहीं है बल्कि उनके वीडियो को लेकर कई अन्य शिकायतें हैं।
भाजपा नेता सुरेश करमशी नखुआ ने जुलाई 2024 में अपलोड एक वीडियो को लेकर 20 लाख रुपये मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें राठी ने उनको 'हिंसक और गालीबाज ट्रोलर' कहा था।
एक अन्य मामले में अमित सचदेवा ने शिकायत दी कि राठी की वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं और सनातन धर्म का अपमान है। इन सभी पर उनको समन जारी हुए हैं।
जानकारी
10 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए थे राठी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने आए राठी को गुरुग्राम पुलिस ने 10 अक्टूबर को सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था। हालांकि, 22 घंटे बाद रिहा कर दिया।