CJP विरोध प्रदर्शन: दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात, 2,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान
क्या है खबर?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े पैमाने पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण समूची दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। त्योहारी सीजन में शुरू हुए इस आंदोलन से दिल्ली की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अनुसार, गतिरोध की वजह से अकेले दिल्ली में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है।
हालात
प्रदर्शन के कारण कैसे बदले दिल्ली के हालात?
सुरक्षा इंतजामों, सड़कों पर भयंकर जाम और बंद के कारण दिल्ली के सभी मुख्य थोक और खुदरा बाजार पूरी तरह सुनसान नजर आ रहे हैं।
सदर बाजार, चांदनी चौक, कनॉट प्लेस, करोल बाग, चावड़ी बाजार, लाजपत राय बाजार और भागीरथ प्लेस बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
रोजाना बाहर से आने वाले 3-4 लाख ग्राहकों की तादाद घटकर शून्य के करीब पहुंच गई है। दिल्ली मेट्रो के 45 से 57 प्रमुख स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद होने से आवाजाही बाधित है।
बयान
CTI अध्यक्ष ने क्या दिया बयान?
CTI अध्यक्ष बृजेश गोयल के मुताबिक, इस धरना-प्रदर्शन की वजह से अकेले दिल्ली में लगभग 2,000 करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हो सकता है।
नवरात्रि और रामलीलाओं के ठीक एक दिन पहले दिल्ली में भयावह स्थिति बन गई है।
लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर सेवा क्षेत्र पर पड़ा है।
पेट्रोल पंप, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर, सैलून आदि सूने पड़े हैं।
अपील
व्यापारिक संगठनों ने की विशेष अपील
प्रमुख चौराहों पर मार्ग परिवर्तन के चलते माल की डिलीवरी पूरी तरह रुक गई है, जिससे होटल, सर्विस सेंटर और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पूरी तरह बेहाल हैं।
व्यापारिक संगठनों (जैसे भारतीय उद्योग व्यापार मंडल) ने सभी राजनीतिक दलों से मार्मिक अपील की है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन जरूर करें, लेकिन त्योहारों के इस मुख्य व्यावसायिक सीजन में इसे व्यावसायिक क्षेत्रों और मुख्य बाजारों से दूर खुली जगहों पर शिफ्ट करें ताकि करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो।