NALSAR विवाद के बाद NLSIU पहुंचे CJI सूर्यकांत, कहा- बाहरी ताकतों ने खड़ी की थीं बाधाएं
क्या है खबर?
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार (17 अक्टूबर) को बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने हालिया दौरों को लेकर हुए विवादों और विरोध प्रदर्शनों पर खुलकर बात की और विरोध के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ होने का बड़ा दावा किया। उन्होंने छात्रों से न्याय, स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील भी की।
बयान
CJI सूर्यकांत ने क्या दिया बयान?
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा, "जैसा कि हम सभी जानते हैं, इस समारोह से पहले के दिन पूरी तरह चुनौतियों से मुक्त नहीं थे। कुछ बाहरी ताकतों के कारण पैदा हुई अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों ने अनिश्चितता का माहौल बना दिया था।"
उन्होंने आगे कहा, "कुछ समय के लिए ऐसा लगने लगा था कि शायद यह समारोह उस तरह आयोजित नहीं हो पाएगा, जैसी हमने उम्मीद की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।"
संवाद
"दमन की कायरता के बजाय खुले संवाद को चुना"
CJI सूर्यकांत ने कहा, "यहां मौजूद छात्रों ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प की भावना को इतनी आसानी से दबाया नहीं जा सकता। बाधाएं पैदा करने वाली आवाजों से ऊपर उठकर आपने दमन की कायरतापूर्ण प्रवृत्ति के बजाय खुले संवाद की गरिमा को बनाए रखने का रास्ता चुना।"
उन्होंने कहा, "आपने छल और धोखे का पर्दा हटाकर यह दिखा दिया है कि ईमानदार बहुमत की इच्छाशक्ति कुछ बेईमान लोगों की साजिशों पर भारी पड़ सकती है।"
संदेश
युवा वकीलों को संदेश और जिम्मेदारियां
CJI सूर्यकांत ने कहा, "कानूनी पेशे में केवल धाराओं या फैसलों का ज्ञान होना ही काफी नहीं है, बल्कि न्याय के पक्ष में खड़े होने का साहस और समाज की अनसुनी आवाजों को सुनने की विनम्रता भी जरूरी है। ऐसे में शॉर्टकट से बचते हुए सिद्धांतों से समझौता न करना चाहिए।"
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे संस्थान से बाहर निकलकर केवल पेशेवर वकील न बनें, बल्कि देश के लिए उम्मीद के संदेशवाहक की भूमिका निभाएं।