ज्ञानेश कुमार के लिए मोदी-शाह ने देशवासियों के खिलाफ युद्ध छेड़ा- अभिजीत दिपके
क्या है खबर?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया। छात्र नेता नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए मोदी और शाह ने देशवासियों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल जैसे हालात हैं।
बयान
नेता प्रतिपक्ष समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना दुर्भाग्यपूर्ण
दिपके ने कहा, "पिछले 10-15 दिनों से, दिल्ली के सभी छात्र संगठन और युवा सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है...जब देश का विपक्ष भी सड़कों पर उतरा, तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। विपक्ष के नेता को भी हिरासत में लिया गया। ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसे पूर्व मुख्यमंत्री को हिरासत में ले लिया गया। किसके लिए? सिर्फ एक ज्ञानेश कुमार के लिए।"
बयान
ज्ञानेश कुमार मोदी को क्या दे रहे हैं- दिपके
दिपके ने कहा कि सिर्फ ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतिहास में पहली बार रेलवे बंद की गई और जम्मू-कश्मीर से बल बुलाया गया।
दिपके ने सवाल उठाया कि ज्ञानेश नरेंद्र मोदी को क्या दे रहे हैं, जिसके लिए दिल्ली को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर बना दिया है।
दीपके ने कहा, "हम क्यों न मानें कि ज्ञानेश चुनाव जीतने में मोदी की मदद कर रहे हैं? अगर नहीं, तो मोदी उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दे रहे हैं?"
लड़ाई
अब ये लड़ाई सत्ता परिवर्तन की है- प्रशांत भूषण
भूषण ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए अब ये लड़ाई सत्ता परिवर्तन की तरफ चली गई है।
उन्होंने कहा कि इस लड़ाई के लिए सभी संगठन साथ आए हैं और आ भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई युवा संगठन और छात्रों के नेतृत्व में लड़ी जाएगी।
RTI कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने कहा कि उनकी RTI में चुनाव आयोग ने खुद कहा है कि उसने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का निर्णय नहीं लिया।