सोनू निगम के बेंगलुरु कॉन्सर्ट पर संकट, पूरे कर्नाटक में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
क्या है खबर?
मशहूर गायक सोनू निगम और कन्नड़ संगठनों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आगामी 24 अक्टूबर को बेंगलुरु में होने वाले उनके कॉन्सर्ट को लेकर तनाव और बढ़ गया है। 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' ने सोनू के पुराने विवादित बयान का हवाला देते हुए पुलिस से कार्यक्रम की अनुमति रद्द करने की मांग की है। संगठन ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर शो को हरी झंडी मिली तो पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
विवाद
कॉन्सर्ट से पहले छिड़ा विवाद
सोनू निगम के मंच पर उतरने से पहले ही उनके आगामी बेंगलुरु कॉन्सर्ट पर संकट के बादल छा गए हैं।
कन्नड़ संगठन 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' (KRV) ने शहर की पुलिस से 24 अक्टूबर के कार्यक्रम की अनुमति न देने का अनुरोध किया है।
बता दें कि गायक के कन्नड़ भाषा और पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े बयान को लेकर ये विवाद छिड़ गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अनुमति मिलने पर राज्यव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।
आग्रह
KRV की पुलिस आयुक्त से अपील
बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त को लिखे एक पत्र में 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' (KRV) के प्रदेश अध्यक्ष टी ए नारायण गौड़ा ने कहा कि गायक की कथित टिप्पणी से कन्नड़भाषियों की भावनाएं आहत हुई हैं और उन्हें शहर में प्रस्तुति देने की अनुमति देने से लोगों में नाराजगी और बढ़ेगी।
ये विवाद अप्रैल, 2025 का है, जब सोनू ने बेंगलुरु के ईस्ट पॉइंट कॉलेज में एक संगीत कार्यक्रम में शिरकत की थी।
विवादित टिप्पणी
सोनू की पुरानी टिप्पणी को KRV ने बताया स्वाभिमान पर चोट
KRV के अनुसार, कार्यक्रम में एक छात्र द्वारा कन्नड़ गाने की मांग करने पर सोनू निगम ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी, "कन्नड़, कन्नड़, कन्नड़, इसी वजह से पहलगाम आतंकी घटना हुई।"
संगठन ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना और कन्नड़भाषियों के स्वाभिमान का अपमान बताया।
पत्र में सवाल उठाया गया कि क्या कन्नड़ गाना मांगना अपराध है और भाषा-प्रेम की तुलना आतंकी हमले से किसने की? संगठन का कहना है कि लोग इस अपमान को भूले नहीं हैं।
मांग
बेंगलुरु पुलिस से मांगी मई 2025 की शिकायत पर समीक्षा
संगठन ने 2 मई, 2025 को दर्ज शिकायत का हवाला देते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। KRV की बेंगलुरु शहरी इकाई के अध्यक्ष धर्मराज टीए ने अवलाहल्ली थाने में सोनू के खिलाफ कानूनी कदम की अपील की थी।
KRV ने अब पुलिस से उस पुरानी शिकायत की समीक्षा कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के मुताबिक, भाषाई सौहार्द बनाए रखने के लिए भाषा-अभिमान का अपमान करने वाले बयानों पर सख्त रुख अपनाना जरूरी है।