निर्देशक शशांक वालिया बुसान में 'बर्ड्स इन द डार्क' की जीत पर बोले- 'यह लोगों की फिल्म है'
शशांक वालिया की पहली पंजाबी फिल्म 'बर्ड्स इन द डार्क' ने 31वें बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सॉन्गवोन विजन ऑडियंस अवार्ड- एशिया अपने नाम कर लिया है।
फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर फेस्टिवल के 'विजन सेक्शन' में हुआ था। यह सेक्शन एशिया की नई आवाजों को मौका देता है।
शशांक ने इस प्रोजेक्ट के लिए कई भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने फिल्म लिखी, इसे निर्देशित किया और इसकी सिनेमैटोग्राफी भी खुद ही संभाली।
क्या है फिल्म की कहानी?
यह फिल्म ग्रामीण पंजाब की पृष्ठभूमि पर बनी है और इसे पूरी तरह से ब्लैक एंड व्हाइट में शूट किया गया है।
'बर्ड्स इन द डार्क' जाति, लिंग, वर्ग, मजदूरी, न्याय और प्यार जैसे विषयों को गहराई से दिखाती है। इसमें मौली सिंह और सपना दास जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं।
रीमा कौर, हंसल मेहता और साहिल सैगल ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है। यह जीत बताती है कि स्वतंत्र पंजाबी सिनेमा की पहचान अब दुनिया भर में बढ़ रही है।