Loading...
सैफ की बहन सबा पटौदी का खुलासा- सड़क पर गिरी, तब पता चला ब्रेन ट्यूमर है
सड़क पर बेहोश हुईं सबा पटौदी, जांच में निकला ब्रेन ट्यूमर

सैफ की बहन सबा पटौदी का खुलासा- सड़क पर गिरी, तब पता चला ब्रेन ट्यूमर है

Oct 09, 2026
06:19 pm

क्या है खबर?

अभिनेता सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने 27 साल की उम्र में ब्रेन ट्यूमर के इलाज का दर्द बयां किया है। बहन सोहा अली खान के पॉडकास्ट पर सबा ने खुलासा किया कि वो बिना किसी पूर्व लक्षण के अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी थीं। इसके बाद हुए MRI स्कैन में दिमाग के तीसरे वेंट्रिकल में ट्यूमर का पता चला। लगभग 6 महीने बाद हुई सर्जरी में डॉक्टरों ने इसे 'पायलोसाइटिक एस्ट्रोसाइटोमा' नामक ट्यूमर चिन्हित किया।

बीमारी

बिना किसी लक्षण के अचानक आ गया चक्कर

अपनी बीमारी के शुरुआती पलों को याद करते हुए सबा ने बताया कि ये बेहद अचानक हुआ था। उन्हें पहले से कोई लक्षण नहीं थे।

सबा ने कहा कि एक दिन जब वो बाहर निकलीं तो उन्हें लगा कि शायद पेट में कोई समस्या है, क्योंकि उनका पेट हमेशा संवेदनशील रहा है। उन्हें लगा कि शायद खाने-पीने में कुछ गड़बड़ हुई है, लेकिन इसके तुरंत बाद वो अचानक सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ीं।

अनुभव

अचानक आंखों के आगे अंधेरा छा गया

सबा ने बताया कि पहले वो बेहोश होने को ब्लड प्रेशर या तेज रोशनी से जोड़ती थीं, लेकिन इस बार उनकी आंखों के आगे पूरा अंधेरा छा गया।

अचानक असहज महसूस होने पर उन्होंने दोस्त से घर लौटने को कहा, लेकिन देखते ही देखते सब कुछ धुंधला हो गया। जब होश आया तो वो बिल्डिंग के बाहर सड़क पर गिरी पड़ी थीं। सबा अभी कुछ समझ ही पा रही थीं कि वो दोबारा बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ीं।

ADVERTISEMENT

जांच

सड़क पर 2 बार बेहोश होने के बाद कराया MRI

सड़क पर 2 बार बेहोश होने के बाद सबा पटौदी ने दोस्त से तुरंत घर लौटने की बात कही।

होश में पूरी तरह आने में उन्हें 20 से 25 मिनट का समय लगा, लेकिन फिर भी सिर भारी था।

इसके बाद जब डॉक्टरों ने उनका MRI स्कैन कराया तो दिमाग के तीसरे वेंट्रिकल में एक संदिग्ध परछाई दिखाई दी। ट्यूमर की जगह को देखते हुए डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में इसे 'कोलॉयड सिस्ट' होने की आशंका जताई थी।

ADVERTISEMENT

दर्द

27 की उम्र में ब्रेन सर्जरी की खबर सुन टूट गई थीं सबा

MRI के करीब 6 महीने बाद सबा की ब्रेन सर्जरी हुई। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने इस ग्रोथ को 'पायलोसाइटिक एस्ट्रोसाइटोमा' के रूप में चिन्हित किया, जो धीमी गति से बढ़ने वाला ट्यूमर था।

बिना किसी शुरुआती लक्षण के 27 साल की उम्र में इतनी गंभीर बीमारी का पता चलना सबा के लिए बड़ा झटका था।

सबा ने स्वीकार किया कि ब्रेन सर्जरी की बात सुनकर वो पूरी तरह टूट गई थीं और उनकी जिंदगी रातों-रात बिल्कुल बदल गई थी।

सर्जरी

ब्रेन सर्जरी में डॉक्टरों ने हटाया याददाश्त से जुड़ा ट्यूमर

ब्रेन ट्यूमर की खबर से सदमे में आईं सबा पटौदी अक्सर बिना वजह रोने लगती थीं। इस मुश्किल दौर ने उन्हें अंदर से मजबूत बनाया, लेकिन उन्हें दूसरों पर निर्भर होने का सबसे बड़ा डर सता रहा था।

वो अपनी आजादी खोना नहीं चाहती थीं। आखिरकार सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने सबा के दिमाग के 'शॉर्ट-टर्म मेमोरी' वाले हिस्से से जुड़े इस ट्यूमर को जितना संभव हो सका, सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला।

ADVERTISEMENT