'रामायण' को डिज्नी से क्यों नहीं मिला था एक भी रुपया? ललित मोदी ने किया खुलासा
क्या है खबर?
भारतीय टेलीविजन पर 'रामायण' और 'महाभारत' जैसे पौराणिक धारावाहिकों ने जो इतिहास रचा, उसकी मिसाल आज भी दी जाती है। रामानंद सागर की 'रामायण' को दर्शकों का अटूट प्यार मिला, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुरुआत में इसे ठुकरा दिया गया था? IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने खुलासा किया है कि डिज्नी ने 'रामायण' को फंड देने से साफ इनकार कर दिया था, क्योंकि एक अहम मीटिंग में रामानंद सागर हाफ पैंट (शॉर्ट्स) पहनकर पहुंच गए थे।
खुलासा
क्यों ललित मोदी के पास पहुंचे थे रामानंद सागर?
1990 के दशक में ललित मोदी ने डिज्नी के साथ मिलकर भारतीय टीवी पर अंतरराष्ट्रीय कंटेंट लाने और मार्केटिंग-प्रोडक्शन का काम संभाला था।
'द भारत इंक' पॉडकास्ट में ललित ने खुलासा किया कि उस समय दूरदर्शन शो की फंडिंग नहीं करता था, बल्कि निर्माताओं को प्रति घंटा तय शुल्क देना पड़ता था। इसी वजह से रामानंद सागर और बीआर चोपड़ा अपने पौराणिक धारावाहिकों 'रामायण' और 'महाभारत' के लिए फंड जुटाने उनके पास पहुंचे थे।
निवेश
'रामायण' और 'महाभारत' में पैसा लगाने को तैयार थे ललित
ललित बोले, "रामानंद सागर और बीआर चोपड़ा दोनों मेरे पास आए थे। वे चाहते थे कि मैं उनकी फंडिंग करूं। मैं इसके लिए तैयार भी था। मेरे पास डिज्नी के जरिए मार्केटिंग, प्रोडक्शन और दुनियाभर में वितरण का एक पूरा सिस्टम था, लेकिन वॉल्ट डिज्नी कंपनी में मेरा एक पार्टनर था। मैंने उनसे कहा कि हमें प्रोडक्शन बिजनेस में उतरना चाहिए और रामानंद सागर के साथ को-प्रोडक्शन करना चाहिए। हालांकि, उनका कहना था कि हमें सिर्फ अपना प्रोग्राम बेचना है।"
मजेदार किस्सा
"प्राइवेट जेट से आए थे डिज्नी के अफसर, शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे रामानंद सागर"
डिज्नी के अधिकारियों का मानना था कि इससे हितों का टकराव होगा। इसके बावजूद ललित लगातार कोशिश करते रहे।
उन्होंने डिज्नी के अधिकारियों को रामानंद सागर की 1 करोड़ की मांग पूरी करने के लिए मनाया, ताकि अधिकार मिल सकें। काफी जिद के बाद अधिकारी आखिरकार मान गए और खास मीटिंग के लिए भारत आए।ललित बोले, "डिज्नी के अधिकारी बड़े लश्कर और प्राइवेट जेट से भारत आए थे, लेकिन रामानंद सागर उस मीटिंग में शॉर्ट्स पहनकर ही पहुंच गए।"
मुलाकात
रामानंद सागर को देख कमरे से भागने वाले थे डिज्नी के अध्यक्ष
ललित ने कहा, "उस दौर में हर कोई सूट-बूट में रहता था। रामानंद सागर जी की अंग्रेज़ी भी थोड़ी टूटी-फूटी थी। उन्होंने डिज्नी वालों की बात सुनी, लेकिन वो पूरी तरह समझ नहीं पाए और यही हाल डिज्नी का भी था। इस वजह से वो उन पर कोई असर नहीं छोड़ सके। उस समय बड़े प्रेजेंटेशन का दौर था। डिज्नीवाले शानदार प्रेजेंटेशन चाहते थे। मैं साफ देख सकता था कि डिज्नी के अध्यक्ष उस कमरे से भागने को तैयार थे।"
नासमझी
रामायण की ताकत समझ ही नहीं पाया डिज्नी- ललित
ललित मोदी ने बताया कि डिज्नी के अधिकारी 'रामायण' की असली ताकत और क्षमता को समझ ही नहीं पाए। वजह यह थी कि उस दौर से पहले भारतीय टीवी पर इतने बड़े पैमाने पर पौराणिक गाथा कभी दिखाई ही नहीं गई थी।
डिज्नी द्वारा प्रोजेक्ट ठुकराए जाने के बाद ललित खुद भी ज्यादा कुछ नहीं कर सके, क्योंकि इस बिजनेस डील में उनका एक पार्टनर शामिल था और बिना उसकी सहमति के आगे बढ़ना मुमकिन नहीं था।