'भागम भाग 2' से प्रियदर्शन ने क्यों बनाई दूरी? 'हेरा फेरी 3' पर भी दिया बयान
क्या है खबर?
निर्देशक प्रियदर्शन के लिए यह साल पेशेवर तौर पर मिला-जुला रहा है। उनकी फिल्म 'भूत बंगला' को सफलता मिली, जबकि 'हैवान' उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। प्रियदर्शन की कई फिल्मों के सीक्वल बन चुके हैं और इस साल उनकी एक और चर्चित फिल्म 'भागम भाग' के सीक्वल की घोषणा हुई है। साल 2006 में रिलीज हुई इस कॉमेडी फिल्म में अक्षय कुमार, परेश रावल और गोविंदा नजर आए थे।
सीक्वल
प्रियदर्शन क्यों नहीं बनाते किसी फिल्म की सीक्वल?
प्रियदर्शन फिल्म 'भागम भाग' के सीक्वल का निर्देशन नहीं करेंगे।
इस बारे में बात करते हुए प्रियदर्शन ने कहा, "इसीलिए मैं कभी सीक्वल नहीं बनाता, क्योंकि अगर आप भाग 2 बना रहे हैं, तो वह भाग 1 से बेहतर होना चाहिए, जैसे 'टर्मिनेटर' फ्रैंचाइजी में हुआ था, जहां भाग 2, भाग 1 से बेहतर था। जब तक आपके पास उससे कहीं बेहतर कहानी न हो, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए।"
दिलचस्पी
प्रियदर्शन को नहीं है इन चीजों में दिलचस्पी
प्रियदर्शन ने आगे कहा, "लोग अक्सर तब सीक्वल बनाते हैं, जब पहली फिल्म बहुत सफल होती है। इसलिए अगर आप उसे बेहतर नहीं बना पाते, तो उस फ्रैंचाइजी का कोई महत्व नहीं रह जाता है। सीक्वल के साथ होता यह है कि वे पहली फिल्म की वैल्यू बेच रहे होते हैं। वे फिल्म नहीं बना रहे होते, वे एक प्रोजेक्ट बना रहे होते हैं और मुझे प्रोजेक्ट्स में कोई दिलचस्पी नहीं है।"
कारण
सीक्वल निर्देशित करने से क्यों मना कर देते हैं प्रियदर्शन
प्रियदर्शन कहते हैं, "'भागम भाग 2' के समय भी अक्षय ने मुझसे पूछा था, 'क्या आप इसे निर्देशित करने में दिलचस्पी रखते हैं?' मैंने कहा नहीं। सवाल यह है कि जब आप कोई फिल्म बनाते हैं और लोग उसे पसंद करते हैं, तो आप उसका भाग 2 बनाकर उस तारीफ को क्यों खराब करना चाहेंगे? इसीलिए मैं सीक्वल निर्देशित करने से मना कर देता हूं। दूसरे लोग मेरी फिल्मों के सीक्वल बनाएं, मुझे उससे कोई दिक्कत नहीं है।"
सवाल
क्या कभी 'हेरा फेरी 3' बन पाएगी?
प्रियदर्शन से आगे पूछा गया कि क्या यही वजह है कि उन्होंने 'हेरा फेरी 3' से भी किनारा कर लिया?
इस पर वे कहते हैं, "इसके पीछे कई और पेचीदगियां हैं। इस बारे में बात करने के लिए तो कई पन्ने भरने पड़ेंगे।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि 'हेरा फेरी 3' कभी बन पाएगी, तो उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह कभी बन पाएगी।"