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नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर

नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

Oct 08, 2026
11:21 pm

क्या है खबर?

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। राज्य सरकार ने उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। पुलिस जवानों ने बंदूक झुकाकर नाना को अंतिम सलामी दी। अंतिम दर्शन के लिए सिनेमा जगत की दिग्गज हस्तियों से लेकर आम प्रशंसकों तक की भारी भीड़ उमड़ी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना को श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। नाना को अंतिम विदाई देते हुए हर आंख नम हो गई।

अंतिम संस्कार

गोवा में थमी सांसें, पुणे के फार्महाउस में राजकीय सम्मान

गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर तड़के कार्डियक अरेस्ट के बाद नाना ने 75 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली।

उनके पार्थिव शरीर को पुणे के करीब डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस लाया गया, जहां महाराष्ट्र सरकार ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।

पुलिस जवानों की सलामी के बीच हुए अंतिम संस्कार में सिनेमा जगत की कई नामचीन हस्तियां और बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।

ट्विटर पोस्ट

पूरे राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

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श्रद्धांजलि

'क्रांतिवीर' नाना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें सच्चा 'क्रांतिकारी' बताया, जिन्होंने अपनी फिल्मों से सामाजिक कुरीतियों पर करारा प्रहार किया।

'इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026' के उद्घाटन अवसर पर मोदी बोले, "नाना का जीवन तिरंगे की आन-बान-शान के लिए समर्पित था। उनकी दमदार संवाद अदायगी और खामोशी भी गहरा असर छोड़ती थी। निडर विचारों वाले नाना का हिंदी व मराठी सिनेमा में योगदान अतुलनीय है और उनके निभाए किरदार पीढ़ियों तक याद रखे जाएंगे।"

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ट्विटर पोस्ट

एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी दी श्रद्धांंजलि

आखिरी पल

निधन से पहले नाना ने दोस्त को किया था मैसेज

बता दें कि नाना ने निधन से कुछ घंटे पहले रात करीब ढाई बजे एक दोस्त को मैसेज कर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है।

दोस्त करीब 4 बजे उनके घर पहुंचे, जहां नाना की हालत बिगड़ चुकी थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल की एंबुलेंस से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR दी, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। लिहाजा इस मामले में मेडिको-लीगल केस दर्ज हुआ।

परिवार

पीछे छोड़ गए पत्नी नीलकांति और बेटा मल्हार

नाना अपने पीछे पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार को छोड़ गए हैं। साल 1978 में विवाहित नाना और नीलकांति सालों से बिना औपचारिक तलाक के अलग रह रहे थे, फिर भी दोनों का परस्पर सम्मान अटूट रहा।

नाना ने अपने पहले बेटे दुर्वासा को महज ढाई साल की उम्र में खो दिया था, जिसका दर्द वो जीवनभर समेटे रहे।

उनके दूसरे बेटे मल्हार फिल्म निर्माण के साथ नाना के सामाजिक कार्यों (नाम फाउंडेशन) का प्रमुख स्तंभ रहे हैं।

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