कौन हैं सागर रत्ना को लोकप्रिय दक्षिण भारतीय रेस्टोरेंट ब्रांड बनाने वाले जयराम बानन?
क्या है खबर?
सागर रत्ना दक्षिण भारतीय रेस्टोरेंट ब्रांड के रूप में देश का एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट है। आज इस ब्रांड का कारोबार करोड़ों रुपये में है, लेकिन इसकी शुरुआत करने वाले जयराम बानन का सफर बिल्कुल अलग था। 13 साल की उम्र में परीक्षा में फेल होने के बाद उन्होंने उडुपी में अपना घर छोड़ दिया और थोड़े से पैसे लेकर मुंबई चले गए। वहां उनकी पहली नौकरी बर्तन धोने की थी, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 18 रुपये महीने मिलते थे।
परिचय
कौन हैं जयराम बानन?
बानन कर्नाटक के उडुपी जिले के रहने वाले हैं। उनकी जन्म तारीख और शुरुआती पढ़ाई से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है।
इतना जरूर बताया जाता है कि 13 साल की उम्र में परीक्षा में फेल होने के बाद उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया। मुंबई पहुंचने के बाद पनवेल की हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स कैंटीन में काम मिला।
बर्तन धोने से शुरू हुआ यह काम आगे चलकर वेटर, हेड वेटर और मैनेजर तक पहुंचा।
कारोबार
यहीं से मिली कारोबार की समझ
मुंबई की कैंटीन में करीब आठ साल काम करने के दौरान बानन ने सिर्फ नौकरी नहीं की, बल्कि खाने के कारोबार को करीब से समझा।
उन्होंने ग्राहकों से बात करना, खाना परोसना, सामान खरीदना और कर्मचारियों को संभालना सीखा। 1974 में उन्हें गाजियाबाद की सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की कैंटीन चलाने का मौका मिला। करीब 2,000 रुपये से शुरू हुई यह कैंटीन चल पड़ी।
यहीं से उन्हें भरोसा हुआ कि अपने दम पर रेस्टोरेंट का कारोबार खड़ा किया जा सकता है।
पहला सागर
1986 में खोला पहला सागर
बानन ने 4 दिसंबर, 1986 को दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी मार्केट में 40 सीट वाला रेस्टोरेंट खोला।
इसका नाम उन्होंने सागर रखा और अपनी करीब 5,000 रुपये की बचत इसमें लगाई। शुरुआत आसान नहीं थी। पहले दिन बिक्री सिर्फ 408 रुपये हुई, जबकि हर हफ्ते किराया 3,250 रुपये था।
इसके बावजूद उन्होंने काम जारी रखा और सुबह से आधी रात तक रेस्टोरेंट संभालते रहे। धीरे-धीरे ग्राहक बढ़े और जगह छोटी पड़ने लगी।
अन्य
सागर रत्ना से बना बड़ा कारोबार
सागर के बढ़ने के बाद बानन ने दिल्ली में कई आउटलेट खोले और 1999 में लुधियाना के होटल महाराजा रीजेंसी में पहला सागर रत्ना फ्रैंचाइज आउटलेट शुरू किया।
आगे चलकर कारोबार का विस्तार कई जगहों तक हुआ। 2017 में बानन ने निवेशक की हिस्सेदारी वापस खरीदकर कंपनी का नियंत्रण परिवार के पास कर लिया। कोरोना के बाद कारोबार में फिर तेजी आई।
वित्त वर्ष 2025 में सागर रत्ना का राजस्व करीब 179.65 करोड़ रुपये और मुनाफा 12.26 करोड़ रुपये रहा।