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ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट के लिए बदल सकते हैं नियम, FSSAI कर रही तैयारी
ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट के लिए बदल सकते हैं नियम

ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट के लिए बदल सकते हैं नियम, FSSAI कर रही तैयारी

Oct 13, 2026
01:27 pm

क्या है खबर?

भारत में तेजी से बढ़ रहे क्विक कॉमर्स कारोबार पर FSSAI सख्ती बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट और अमेजन नाउ जैसे मंचों के लिए नए नियम बनाए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य ऑनलाइन बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजित पुन्हानी ने कहा है कि इन कंपनियों को अधिक जवाबदेह बनाना चाहता है, ताकि ग्राहकों को सुरक्षित सामान मिल सके।

नियम

ऑनलाइन सामान की जानकारी देना होगा जरूरी

प्रस्तावित नियमों के तहत ऑनलाइन खाद्य पदार्थों की सूची में उनके निर्माण की तारीख, इस्तेमाल की अंतिम तारीख और बैच नंबर दिखाना जरूरी हो सकता है।

इसके अलावा, उत्पादों के बारे में भ्रामक दावे करने पर संबंधित मंचों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। नियामक डार्क किचन की तस्वीरें और पता दिखाने की अनिवार्यता पर विचार कर रहा है।

डार्क स्टोर में रखे सामान की जांच भी सख्त होगी, ताकि सभी चीजें सही तापमान पर रखी जा सकें।

कार्रवाई

गलत सामान बेचने पर कंपनियों पर हो सकती है कार्रवाई

FSSAI ने पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन कंपनियों की जांच बढ़ाई है।

ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट, फ्लिपकार्ट और अमेजन से जुड़े मामलों में गलत लेबल, प्रतिबंधित सामान की बिक्री और वैध लाइसेंस जैसी कमियों को लेकर कार्रवाई हुई है। नियामक के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े मामले 5-6 गुना बढ़े हैं।

अप्रैल से सितंबर के बीच खाद्य नियामक एजेंसियों ने करीब सात लाख निरीक्षण किए, जो पिछले साल की समान अवधि से लगभग दोगुने हैं।

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अन्य

खाद्य कंपनियों और सप्लीमेंट बनाने वालों पर भी नजर

FSSAI इन दिनों खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनियों, होटलों, रेस्तरां और स्वास्थ्य संबंधी सप्लीमेंट बेचने वालों की भी जांच कर रहा है। खास तौर पर वजन घटाने और दूसरे स्वास्थ्य लाभों से जुड़े भ्रामक दावों पर नजर रखी जा रही है।

नियमों को लेकर पेप्सिको और दूसरी कंपनियों ने अदालतों का रुख भी किया है। FSSAI प्रमुख का कहना है कि कानूनी चुनौतियों के बावजूद उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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