स्टारलिंक विवाद को लेकर रिलायंस का मस्क को जवाब, प्रतिस्पर्धा को लेकर कही ये बात
क्या है खबर?
एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर चल रही बहस के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि उसे प्रतिस्पर्धा से कभी डर नहीं लगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मस्क ने भारतीय दूरसंचार कंपनियों पर स्टारलिंक के रास्ते में रुकावट डालने के आरोप लगाए थे। वहीं, जियो की अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को भी सरकारी मंजूरी का इंतजार है।
बयान
'हमें कभी प्रतिस्पर्धा से डर नहीं लगा', रिलायंस ने कहा
रिलायंस ने अपने बयान में कहा, "हमें कभी भी प्रतिस्पर्धा से डर नहीं लगा। हम इसे इस बात की सबसे सच्ची कसौटी मानते हैं कि ग्राहकों को सबसे अच्छी सेवा कौन देता है।"
कंपनी ने कहा कि भारत निवेश और नई तकनीक का स्वागत करता है, चाहे वह देशी हो या विदेशी। हालांकि, सभी कंपनियों को देश के कानूनों और नीतियों का पालन करना होगा।
रिलायंस के मुताबिक, जियो की सैटेलाइट सेवाओं को अभी मंजूरी का इंतजार है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
Statement from Reliance Industries
— Reliance Industries Limited (@RIL_Updates) October 16, 2026
In light of recent remarks about Reliance and the Indian market, we wish to place the facts on record.
Like every Indian enterprise, Reliance has grown in an India that welcomes investment and innovation, homegrown or international, that…
आरोप
मस्क ने जियो और एयरटेल पर क्या आरोप लगाए?
मस्क ने हाल ही में जियो और एयरटेल को लेकर सवाल उठाए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय कंपनियां स्टारलिंक को बाजार में आने से रोकने की कोशिश कर रही हैं। मस्क का कहना था कि सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में ज्यादा प्रतिस्पर्धा होने से ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा था कि इससे मौजूदा कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है, लेकिन उनके कारोबार पर जरूरी नहीं कि कोई बड़ा खतरा आए।
ग्राहक
53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक
रिलायंस ने कहा कि जियो ने 2016 में भारतीय दूरसंचार बाजार में एक नए खिलाड़ी के रूप में शुरुआत की थी और उस समय उसके पास कोई ग्राहक नहीं था।
कंपनी के मुताबिक, अब जियो के 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। इस बीच, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत में सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में किसी एक कंपनी का एकाधिकार नहीं होने दिया जाएगा।
व्यावसायिक मंजूरी के लिए 3 कंपनियां प्रक्रिया में हैं।