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फॉक्सकॉन खरीदेगी मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी, 6,900 करोड़ रुपये में होगा सौदा
फॉक्सकॉन खरीदेगी मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी

फॉक्सकॉन खरीदेगी मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी, 6,900 करोड़ रुपये में होगा सौदा

Oct 19, 2026
05:35 pm

क्या है खबर?

ताइवान की टेक कंपनी फॉक्सकॉन जापान की मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के वाहन पुर्जे बनाने वाले कारोबार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते से फॉक्सकॉन को इलेक्ट्रिक गाड़ियों के क्षेत्र में अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। दोनों कंपनियां अपनी तकनीक और निर्माण के अनुभव को मिलाकर काम करेंगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में चीनी कंपनियों से मुकाबला लगातार बढ़ रहा है।

सौदा

कितने में होगा सौदा?

फॉक्सकॉन इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए 115 अरब जापानी येन (लगभग 6,900 करोड़ रुपये) बैठती है।

इस सौदे के बाद मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के पूरे कारोबार की कीमत करीब 320 अरब येन (लगभग 190 अरब रुपये) आंकी गई है।

हालांकि, सौदे को पूरा करने के लिए अभी भी कुछ जरूरी मंजूरियां मिलनी बाकी हैं। इन दोनों कंपनियों को उम्मीद है कि अक्टूबर, 2027 तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

फायदा

फॉक्सकॉन को इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार में मिलेगा फायदा

इस सौदे से फॉक्सकॉन को इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए जरूरी तकनीक और निर्माण क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक की इलेक्ट्रिक मोटर, गाड़ी चलाने में मदद करने वाली तकनीक और कार के भीतर इस्तेमाल होने वाली स्मार्ट सुविधाओं को फॉक्सकॉन के वाहन मंच से जोड़ा जाएगा।

इससे कंपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के निर्माण में अपनी भूमिका बढ़ा सकेगी। दोनों कंपनियों का लक्ष्य सालाना 1 लाख करोड़ येन से ज्यादा बिक्री वाला कारोबार तैयार करना है।

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नुकसान

मित्सुबिशी को नुकसान का अनुमान

मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक को इस सौदे के कारण मौजूदा वित्त वर्ष में 100 अरब येन के नुकसान का अनुमान है। कंपनी 30 अक्टूबर को अपने पूरे साल के वित्तीय अनुमान में बदलाव करेगी।

हिस्सेदारी बिकने के बाद भी कारोबार का नाम फिलहाल मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ही रहेगा। फॉक्सकॉन के अधिकारी जून सेकी के मुताबिक, भविष्य में दोनों कंपनियां अपनी हिस्सेदारी की समीक्षा कर सकती हैं।

कारोबार सफल रहने पर इसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की कोशिश भी हो सकती है।

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