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फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी सर्विस की टेस्टिंग शुरू, 8,000 कर्मचारी कर रहे इस्तेमाल
फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी सर्विस की टेस्टिंग शुरू

फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी सर्विस की टेस्टिंग शुरू, 8,000 कर्मचारी कर रहे इस्तेमाल

Oct 20, 2026
01:59 pm

क्या है खबर?

ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट जल्द ही भारत में खाने की डिलीवरी सेवा शुरू कर सकती है। टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अक्टूबर के आखिर तक इस सेवा को शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए फ्लिपकार्ट स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों को टक्कर देगी। फिलहाल कंपनी बेंगलुरु में इसकी जांच कर रही है। इस सेवा का नाम 'ईट-इन बाय मिनट्स' बताया जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी लॉन्च की तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

टेस्टिंग

करीब 8,000 कर्मचारियों के बीच हो रही टेस्टिंग

फ्लिपकार्ट फिलहाल नई सेवा की टेस्टिंग कर्मचारियों के बीच कर रही है।

शुरुआत में कुछ सौ कर्मचारियों को इसमें शामिल किया गया था, लेकिन अब करीब 8,000 कर्मचारी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। फ्लिपकार्ट के खरीदारी ऐप में इसके लिए अलग विकल्प भी दिया गया है।

कंपनी इस सेवा के जरिए ग्राहकों तक रेस्टोरेंट का खाना पहुंचाना चाहती है। फ्लिपकार्ट समूह के प्रमुख कल्याण कृष्णमूर्ति ने इस साल जुलाई में ही खाने की डिलीवरी शुरू करने की योजना बताई थी।

अलग टीम

खाना पहुंचाने के लिए अलग टीम तैयार

रिपोर्ट के अनुसार, फ्लिपकार्ट अपनी नई सेवा में ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से जुड़े रेस्टोरेंट का खाना भी उपलब्ध करा सकती है।

कंपनी सीधे रेस्टोरेंट से जुड़कर भी ग्राहकों को विकल्प देगी। खाना पहुंचाने के लिए फ्लिपकार्ट की लॉजिस्टिक्स कंपनी ईकार्ट के जरिए अलग डिलीवरी टीम तैयार की गई है।

यह टीम कंपनी की दूसरी डिलीवरी सेवाओं से अलग काम करेगी। बेंगलुरु में कुछ डिलीवरी कर्मचारियों को इस सेवा के नाम वाली टी-शर्ट में देखा गया है।

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चुनौती

स्विगी और जोमैटो को मिलेगी नई चुनौती

भारत में खाने की ऑनलाइन डिलीवरी के कारोबार में अभी जोमैटो और स्विगी का दबदबा है।

केन रिसर्च के अनुसार, 2024 में जोमैटो की बाजार में करीब 58 प्रतिशत और स्विगी की लगभग 34 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। अब फ्लिपकार्ट भी इस कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है।

इससे दोनों कंपनियों को नई चुनौती मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ऑनलाइन खाना मंगाने का बाजार हर साल 18 से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

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