रिटायरमेंट फंड बनाते समय इन गलतियों को बिल्कुल न करें
क्या है खबर?
रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करना जरूरी है, लेकिन सिर्फ पैसा जमा करते जाना ही काफी नहीं है। नौकरी के बाद कितने साल तक पैसा चाहिए और उस समय खर्च कितना होगा, इसका अंदाजा भी होना चाहिए। आज का खर्च भविष्य में उतना ही रहे, यह जरूरी नहीं है। महंगाई और इलाज जैसे खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए रिटायरमेंट की तैयारी करते समय कुछ आम गलतियों से बचना जरूरी है, ताकि बाद में पैसों की कमी न पड़े।
#1
रिटायरमेंट के लिए कोई तय रकम मान लेना
रिटायरमेंट के लिए 1 करोड़ या 5 करोड़ रुपये जैसी किसी एक रकम को पर्याप्त मान लेना सही नहीं है।
हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है। किसी का खर्च कम है तो किसी को ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ सकती है। रिटायरमेंट की रकम तय करते समय अपनी उम्र, मौजूदा खर्च, महंगाई और निवेश से मिलने वाले रिटर्न को ध्यान में रखना चाहिए।
यह भी देखना जरूरी है कि नौकरी छोड़ने के बाद कितने साल तक खर्च चलाना होगा।
#2
महंगाई और बढ़ते इलाज के खर्च को भूल जाना
रिटायरमेंट की योजना बनाते समय आज के खर्च को देखकर भविष्य की जरूरत तय करना भी गलती हो सकती है।
अगले 15 या 20 साल में किराना, बिजली, यात्रा और दूसरी चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। इलाज का खर्च भी उम्र बढ़ने के साथ बढ़ सकता है। दवाओं, जांच, अस्पताल और स्वास्थ्य बीमा के लिए अलग से रकम का अनुमान रखना जरूरी है।
इससे अचानक आने वाले बड़े खर्चों का असर आपकी बाकी बचत पर कम पड़ेगा।
#3
बचत देर से शुरू करना और योजना न बदलना
रिटायरमेंट के लिए बचत बहुत देर से शुरू करना आगे चलकर दबाव बढ़ा सकता है।
जल्दी निवेश करने पर पैसे को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है। वहीं बच्चों की पढ़ाई, घर या शादी के खर्च के लिए बार-बार रिटायरमेंट की बचत रोकना भी नुकसान पहुंचा सकता है।
इसके अलावा, पुरानी योजना पर हमेशा निर्भर रहना ठीक नहीं है। आमदनी, खर्च और परिवार की जिम्मेदारियां बदलने पर रिटायरमेंट योजना की समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए।