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एंथ्रोपिक की एनस्केल से दूसरे बड़े सौदे की तैयारी, अमेरिका में बनेगा डाटा सेंटर
एंथ्रोपिक और एनस्केल के बीच डील

एंथ्रोपिक की एनस्केल से दूसरे बड़े सौदे की तैयारी, अमेरिका में बनेगा डाटा सेंटर

Oct 20, 2026
12:02 pm

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक अपने कंप्यूटिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए एनस्केल के साथ करीब 45 अरब डॉलर (लगभग 4,300 अरब रुपये) की नई डील पर बातचीत कर रही है। ब्लूमबर्ग और फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया में 460 मेगावाट क्षमता वाला दूसरा डाटा सेंटर बनाया जा सकता है। हालांकि, दोनों कंपनियों के बीच अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है और शर्तों में बदलाव संभव है।

डाटा सेंटर

डाटा सेंटर में लगाई जा सकती हैं नई AI चिप्स

प्रस्तावित डाटा सेंटर एनस्केल के मोनार्क कैंपस का हिस्सा होगा।

इसमें एनवीडिया की नई वेरा रुबिन AI चिप्स इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है। समझौते के तहत एनस्केल डाटा सेंटर और उसमें लगे उपकरणों का मालिक होगा और उनका संचालन भी करेगा। वहीं, एंथ्रोपिक जरूरत के मुताबिक कंप्यूटिंग क्षमता खरीदेगी और इस्तेमाल की गई सुविधा के लिए भुगतान करेगी।

एंथ्रोपिक को परिसर की तीसरी इमारत की क्षमता हासिल करने का पहला अधिकार भी मिल सकता है।

अहमियत

IPO से पहले एनस्केल के लिए अहम हो सकती है डील

एनस्केल पहले ही एंथ्रोपिक के साथ 44.6 अरब डॉलर तक के कंप्यूटिंग समझौते में शामिल है।

दूसरी डील होने पर दोनों कंपनियों के बीच कारोबार और बढ़ सकता है। एनस्केल अमेरिका के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही है और इसके लिए करीब 30 अरब डॉलर का मूल्यांकन चाहती है।

कंपनी ने पिछले महीने अपने IPO से पहले 3.36 अरब डॉलर जुटाए थे। हालांकि, कंपनी की विस्तार योजनाओं और वित्तीय स्थिति पर सवाल भी उठ रहे हैं।

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चुनौती

घाटे और फंडिंग की चुनौतियों से जूझ रही है कंपनी

रिपोर्ट के अनुसार, एनस्केल ने 2026 की पहली छमाही में 14.1 करोड़ डॉलर की कमाई के मुकाबले करीब 1 अरब डॉलर का शुद्ध घाटा दर्ज किया।

कंपनी को अपने डाटा सेंटर बनाने के लिए जरूरी धन जुटाने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एंथ्रोपिक ने कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए फ्लूइडस्टैक, वोल्टा इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेस-X के साथ भी बड़े समझौते किए हैं।

नई डील अभी बातचीत, जांच, वित्तीय व्यवस्था और निर्माण से जुड़ी मंजूरी पर निर्भर है।

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