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अडाणी एंटरप्राइजेज-जैबिल डाटा सेंटर के लिए बनाएंगी हार्डवेयर, संयुक्त उद्यम के लिए मिलाया हाथ
अडाणी एंटरप्राइजेज-जैबिल डाटा सेंटर के लिए हार्डवेयर बनाएंगी

अडाणी एंटरप्राइजेज-जैबिल डाटा सेंटर के लिए बनाएंगी हार्डवेयर, संयुक्त उद्यम के लिए मिलाया हाथ

Oct 13, 2026
06:57 pm

क्या है खबर?

अडाणी एंटरप्राइजेज ने जैबिल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डाटा सेंटर उपकरण बनाने के लिए संयुक्त उद्यम (JV) बनाने के मकसद से समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत मल्टी-गीगावाट AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है। इस प्रस्तावित वेंचर में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरण के साथ-साथ पावर वितरण यूनिट, लिक्विड-कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर बनाए जाएंगे। यह भारत और वैश्विक बाजार में डाटा सेंटर ऑपरेटर्स, हाइपरस्केलर, नियो-क्लाउड और एंटरप्राइज की जरूरतों को पूरा करेगा।

साझेदारी 

क्या काम करेगा संयुक्त उद्यम?

इस उद्यम की AI रैक बनाने की क्षमता कई गीगावाट होने की उम्मीद है, जो कई गीगावाट की कुल पावर क्षमता वाले कंप्यूटिंग सिस्टम को सपोर्ट करेगी। यह इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग की सर्विस भी देगा।

इस उपकरण पोर्टफोलियो में AI ऐप और दूसरी डिजिटल सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम वाले रैक और उन्हें चलाने के लिए जरूरी पावर और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे।

प्रस्तावित JV के उत्पाद भारत और वैश्विक बाजार के लिए होंगे।

क्षमता 

2030 तक 5-8GW हो सकती है क्षमता 

AI को अपनाने, क्लाउड के विस्तार और डाटा स्थानीयकरण की वजह से 2030 तक भारत की डाटा सेंटर क्षमता 5-8 गीगावाट (GW) तक पहुंचने का अनुमान है।

डाटा सेंटर, क्लाउड और AI इकोसिस्टम में हाइपरस्केलर का प्रस्तावित खर्च 50 अरब डॉलर (करीब 4,700 अरब रुपये) से ज्यादा होने की उम्मीद है।

अनुमान है कि AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के कारण अगले 7 सालों में वैश्विक बाजार का अवसर 3,000 अरब डॉलर (करीब 2.85 लाख अरब रुपये) से ज्यादा होगा।

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