विकिलीक्स संस्थापक जूलियन असांजे लंदन में गिरफ्तार

दुनिया

11 Apr 2019

जानें कौन हैं दुनिया हिलाने वाले विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे, जिन्हें किया गया गिरफ्तार

अपने खुलासों से पूरी दुनिया में सनसनी बचाने वाली वेबसाइट 'विकिलीक्स' के संस्थापक जूलियन असांजे को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया है।

उन्होंने लंदन स्थित इक्वाडोर दूतावास में 2012 से शरण ले रखी थी।

इक्वाडोर सरकार ने असांजे के शरणार्थी के दर्जे को समाप्त कर दिया था, जिसके बाद लंदन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। अब उन्हें यहां की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा।

असांजे का पूरा मामला क्या है, आइए जानते हैं।

जूलियन असांजे लंदन में गिरफ्तार

शरण

साल 2012 से ले रखी थी दूतावास में शरण

आस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे पर 2010 में स्वीडन में दो महिलाओं ने बलात्कार और यौन शोषण के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए थे।

असांजे ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था और कहा था कि यह उनका अमेरिका प्रत्यर्पण करने की साजिश का हिस्सा है, जहां उन पर गंभीर मामले चल रहे हैं।

इस बीच उन्हें दिसंबर 2010 में लंदन में गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

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कारण

स्वीडन प्रत्यर्पण से बचने के लिए ली शरण

असांजे की असली मुश्किलें तब शुरु हुईं, जब मई 2012 में UK की सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामलों की जांच के लिए उनका स्वीडन प्रत्यर्पण जरूरी है।

प्रत्यर्पण के खतरे को टालने के लिए उन्होंने जून में इक्वाडोर के लंदन दूतावास में शरण ले ली।

अगस्त में इक्वाडोर ने उन्हें यह कहते हुए शरण प्रदान की कि अगर उनका प्रत्यर्पण हुआ तो उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।

उन्होंने तब से दूतावास से बाहर कदम नहीं रखा था।

क्यों छीनी गई शरण?

इस कारण इक्वाडोर ने छीनी शरण

मई 2017 आते-आते स्वीडन में उनके खिलाफ चल रहे सारे मुकदमे बंद हो गए। लेकिन अमेरिका प्रत्यर्पण के डर से उन्होंने दूतावास नहीं छोड़ा।

इक्वाडोर से उनके रिश्ते तब खराब हुए जब इक्वाडोर सरकार ने उन पर राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो की निजी जानकारी लीक करने का आरोप लगाया।

इसके बाद इक्वाडोर ने यह कहते हुए उनसे शरण वापस ले ली कि वह अभी भी विकिलीक्स से जुड़े हुए हैं और दूसरे देशों के आंतरिक मसलों में दखल दे रहे हैं।

असांजे को उठाकर ले जा रहे हैं पुलिसकर्मी

शरण वापस लिए जाने के बाद लंदन पुलिस ने इक्वाडोर दूतावास में प्रवेश किया और उन्हें जबरदस्ती बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी असांजे को उठाकर ले जा रहे हैं।

असांजे की गिरफ्तारी का वीडियो

विकिलीक्स

अमेरिका की गोपनीय जानकारियों को किया था सार्वजनिक

47 वर्षीय असांजे ने 2006 में विकिलीक्स की संस्थापना की थी।

उनका नाम पहली बार चर्चा में तब आया था, जब उनकी वेबसाइट 'विकिलीक्स' ने 2007 में अमेरिका की ग्वांतानामो बे स्थित जेल के बारे में खुलासा किया था, जहां मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होता है।

लेकिन उन्हें असली पहचान तब मिली जब उन्होंने कई न्यूज संगठनों के साथ मिलकर अमेरिकी सेना और सरकार से संबंधित लाखों गोपनीय कूटनीतिक केबल जानकारियों को सार्वजनिक कर दिया था।

राष्ट्रपति चुनाव के समय लीक किए थे हिलेरी के ईमेल

विकिलीक्स ने 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के समय डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की टीम के 20,000 ईमेल सार्वजनिक किए थे। इनमें दावा किया गया था कि डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष अधिकारी वामपंथी विचारों वाले बर्नी सैंडर्स के मुकाबले हिलेरी का फायदा पहुंचा रहे हैं।

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