फ्रांस करेगा जैश की सारी संपत्ति जब्त

दुनिया

15 Mar 2019

आतंकी मसूद अजहर पर बड़ी कार्रवाई, फ्रांस करेगा जैश की सारी संपत्ति जब्त

फ्रांस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की संपत्ति को जब्त करने का फैसला किया है।

फ्रांस के गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार मसूद अजहर का नाम यूरोपीय संघ (EU) की आतंकियों की सूची में डलवाने पर विचार करेगी।

बता दें कि चीन ने हाल ही में UNSC मे मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था।

फ्रांस फ्रीज करेगा अजहर की संपत्ति

UNSC में फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन लाए थे प्रस्ताव

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अपने प्रस्ताव में मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने, उसकी संपत्ति जब्त करने और उसकी विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 मार्च तक का समय दिया गया था।

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चीन का रोड़ा

चीन ने लगाई 'तकनीकी रोक'

अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की '1267 अल कायदा सैंक्शन्स कमेटी' के तहत फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने प्रस्ताव पेश किया था।

इस पर विचार करने के लिए 10 कार्य दिवस का समय दिया गया था। यह अवधि 13 मार्च को रात 12:30 बजे खत्म होनी थी। इससे पहले चीन ने इस पर 'तकनीकी रोक' लगा दी।

चीन ने कहा है कि उसे प्रस्ताव पर विचार करने के लिए और वक्त चाहिए।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने जताई निराशा

भारत ने चीन द्वारा इस प्रस्ताव पर वीटो करने के फैसले पर निराशा जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि UNSC अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर निर्णय नहीं ले पाई क्योंकि एक सदस्य देश ने प्रस्ताव रोक दिया।

मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत सभी उपलब्ध विकल्पों पर काम करता रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय नागरिकों पर हुए हमलों में शामिल आतंकियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जा सके।

आतंकी

मसूद अजहर ने कराए हैं भारत पर कई बड़े आतंकी हमले

पुलवामा में CRPF काफिले पर हमला जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने ही किया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे।

जैश इसके अलावा भी भारत में कई बड़े आतंकी हमले करवा चुका है।

दिंसबर 2001 में संसद पर हुआ हमला जैश ने ही किया था। उसने जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर भी फिदायीन हमला कराया था।

इसके अलावा उरी और पठानकोट में सेना के कैंप पर हुए हमलों में भी जैश का हाथ था।

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