दवाब के आगे झुका पाक, आतंकियों के खिलाफ करेगा कार्रवाई

दुनिया

04 Mar 2019

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव का विरोध नहीं करेगा पाक

अंतरराष्ट्रीय दवाब के आगे झुकते हुए पाकिस्तान आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव का विरोध नहीं करेगा।

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को UNSC में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने, उसकी संपत्ति जब्त करने और उसकी विदेश यात्राओं पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।

क्या है UNSC में लाया गया प्रस्ताव?

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अपने प्रस्ताव में मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने, उसकी संपत्ति जब्त करने और उसकी विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 मार्च तक का समय दिया गया है।

कार्रवाई

आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाक

एक पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान मसूद अजहर के साथ-साथ सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार है।

हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि पाक मसूद के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा, लेकिन वह मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव का विरोध नहीं करेगा।

UNSC 10 दिनों के भीतर विटो पावर वाले देशों द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव पर गौर करेगी।

पिछले 10 सालों में UNSC में लाया गया यह चौथा ऐसा प्रस्ताव है।

दुनिया की खबरें पसंद हैं?

नवीनतम खबरों से अपडेटेड रहें।

नोटिफाई करें

आतंकवादी मसूद अजहर

पाकिस्तान में है मसूद अजहर

पाकिस्तान में है मसूद अजहर

संसद भवन हमला और पुलवामा हमले का मुख्य आरोपी अजहर पाकिस्तान में है।

खुद पाकिस्तान सरकार ने यह स्वीकार किया है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना उसके देश में है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने CNN को दिए इंटरव्यू में कहा कि मसूद पाकिस्तान में है और बेहद बीमार है।

उन्होंने कहा कि वह इतना बीमार है कि घर से नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि भारत को उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सबूत देने होंगे।

कोशिशें

लगातार जारी है भारत की कोशिशें

भारत पिछले काफी समय से मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषिक कराने की कोशिश में है।

भारत सबसे पहले 2009 में संयुक्त राष्ट्र में मसूद के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव लेकर आया था।

इसके बाद साल 2016 और 2017 में भारत ने मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव दिया।

हालांकि, तब चीन ने भारत के इस प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर गिरा दिया। भारत को इस मामले में कई देशों का समर्थन हासिल है।

UNSC

संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख संस्थाओं में से एक है UNSC

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), संयुक्त राष्ट्र की छह प्रमुख संस्थाओं में से एक है।

इस परिषद का उत्तरदायित्व अतंरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है।

परिषद में कुल 15 स्दस्य होते हैं, जिनमें से पांच स्थायी सदस्य हैं और दस अल्पकालिक स्दस्य।

परिषद के स्थायी देश हैं- अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन और फ्रांस। स्थायी देश किसी भी प्रस्ताव पर वीटो पावर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

भारत लंबे समय में इसकी स्थायी सदस्यता पाने की कोशिश में है।

आतंकी मसूद अजहर

कंधार हाईजैक मामले में छोड़ा गया था मसूद

मसूद अजहर को पुर्तगाल के फर्जी पासपोर्ट के सहारे यात्रा करने के आधार पर 1994 में कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था।

उसकी रिहाई यात्री विमान आईसी-814 के बदले हुई थी। दरअसल, आतंकियों ने 178 यात्रियों से भरे इस विमान को छोड़ने के बदले तीन आतंकियों की रिहाई की शर्त रखी थी।

भारत सरकार ने विमान को आतंकियों की पकड़ से छुड़ाने के लिए जिन तीन आतंकियों को रिहा किया था, उसमें से मसूद एक था।

खबर शेयर करें

भारत

पाकिस्तान

जैश-ए-मोहम्मद

खबर शेयर करें

अगली खबर