चीन में अंतिम संस्कार में बुलाई जाती हैं स्ट्रिपर्स

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10 May 2019

चीन में अंतिम संस्कार के समय नाचने के लिए बुलाई जाती हैं लड़कियां, जानें कारण

भारत में जब किसी की मृत्यु हो जाती है तो अंतिम संस्कार के दौरान लोग काफ़ी दुखी होते हैं। इसके उलट चीन के कुछ हिस्सों में शवयात्रा के दौरान कुछ ऐसा होता है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो सकते हैं।

जी हाँ, वहाँ शवयात्रा के दौरान लाउडस्पीकर पर तेज़ आवाज़ में गाना बजता है और स्ट्रिपर्स बुलाई जाती हैं। यह चलन चीन के बाहरी हिस्सों और गाँवों में ज़्यादा दिखाई देता है।

आइए जानें इसकी वजह।

पिछले साल लगाई गई थी नाचने पर रोक

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2018 की शुरुआत में चीन में स्ट्रिपर्स की प्रस्तुति को अश्लील और भद्दा बताते हुए उनके शवयात्रा, शादियों और धर्मस्थलों पर नाचने पर रोक लगा दी गई थी। हालाँकि, प्रशासन को इसमें अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।

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वजह

शवयात्रा में भीड़ बढ़ाने के लिए बुलाई जाती हैं स्ट्रिपर्स

शवयात्रा में भीड़ बढ़ाने के लिए बुलाई जाती हैं स्ट्रिपर्स

इस परंपरा का पालन करने वालों का मानना है कि अंतिम संस्कार में ज़्यादा लोगों की मौजूदगी से मरने वाले को सम्मान मिलता है।

स्ट्रिपर्स के शवयात्रा में शामिल होने से लोगों की भीड़ बढ़ जाती है।

फुजियान नॉर्मल यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर ख्वांग जेएनशिंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया, "कुछ स्थानीय परंपराओं में उत्तेजक नृत्य को मरने वाले की उस इच्छा से जोड़कर देखा जाता है, जहाँ वे वंश बढ़ाने का आशीर्वाद चाहते हैं।"

शुरुआत

ताइवान से शुरू हुई थी यह परंपरा

सामान्य तौर पर स्ट्रिपर्स को किसी भी कार्यक्रम में भाड़े पर बुलाने को संपन्नता से जोड़कर देखा जाता है।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, "चीन के देहाती इलाकों में शोक जताने आए लोगों के मनोरंजन के लिए कलाकारों, गायकों, कॉमेडियन और स्ट्रिपर्स को भाड़े पर बुलाकर ख़र्च करने की परंपरा ज़्यादा है।"

जानकारी के अनुसार, इस परंपरा की शुरुआत चीन से नहीं बल्कि ताइवान से हुई है। वहाँ के लिए ये परंपरा आम है।

जानकारी

इस परंपरा के बारे में नहीं जानते चीन के कई लोग

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना के मार्क मोस्कोवित्ज का कहना है, "ताइवान में 1980 के दौरान अंतिम संस्कार के समय स्ट्रिपर्स की मौजूदगी ने पहले लोगों का ध्यान खींचा। ताइवान में यह चलन आम हो गया, लेकिन चीन में सरकार की सख़्ती की वजह से कई लोग इस परंपरा के बारे में जानते भी नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा, "अंतिम संस्कार के समय स्ट्रिपर्स को बुलाने का मामला कानूनी और गैरकानूनी गतिविधि के बीच है।"

इलाका

शहरी इलाकों में कम होता है स्ट्रिपर्स का इस्तेमाल

मार्क ने बताया कि ताइवान के बड़े शहरों में यह रस्म दिखाई नहीं देती है और चीन के शहरी इलाकों में स्ट्रिपर्स का इस्तेमाल कम ही होता है।

2017 में ताइवान के दक्षिणी शहर जियाजी में हुए एक अंतिम संस्कार में 50 पोल डांसर्स ने हिस्सा लिया था। वो सभी जीप की छत पर सवार थीं। उस समय एक स्थानीय नेता का अंतिम संस्कार हुआ था।

उनके परिवार ने बताया कि वो अपने अंतिम संस्कार में रंगारंग कार्यक्रम चाहते थे।

चीन सरकार का फरमान

स्ट्रिपर्स को बुलाने वालों को किया जाएगा दंडित

चीन की सरकार इस परंपरा के ख़िलाफ़ काफ़ी समय से सख़्ती बरत रही है, लेकिन उसका कोई फ़ायदा होता हुआ नहीं दिख रहा है।

चीन के सांस्कृतिक मंत्रालय ने इस रस्म को असभ्य क़रार देते हुए ऐलान किया था कि अगर कोई अंतिम संस्कार के समय लोगों के मनोरंजन के लिए स्ट्रिपर्स को किराए पर बुलाएगा, तो उसे दंडित किया जाएगा।

चीन की सरकार ख़ुद को नागरिकों को राह दिखने वाले की भूमिका में देखती है।

कार्यवाई

कई बार आयोजकों और कलाकारों के खिलाफ हो चुकी है कार्यवाई

कई बार आयोजकों और कलाकारों के खिलाफ हो चुकी है कार्यवाई

मार्क के अनुसार, इस रस्म को पूरी तरह ख़त्म करना आसान नहीं होगा। साल 2006 में जियांगसू प्रांत के एक किसान के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग जुटे थे, क्योंकि उसमें एक स्ट्रिपर्स ने प्रस्तुति दी थी।

इसके बाद पाँच लोगों को हिरासत में लिया गया था।

2015 में सोशल मीडिया के ज़रिए अंतिम संस्कार के समय अश्लील प्रस्तुति की ख़बर सामने आने के बाद सरकार ने आयोजकों और कलाकारों को दंडित भी किया था।

रस्म के ख़त्म होने तक सरकार जारी रखेगी अपनी कोशिश

यह साफ़ तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि यह रस्म कभी पूरी तरह से ख़त्म होगी या नहीं, लेकिन यह तय है कि चीन की सरकार इसके ख़त्म होने तक अपनी कोशिश जारी रखेगी।

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