महबूबा मुफ्ती से मिल सकेंगी उनकी बेटी सना

राजनीति

05 Sep 2019

जम्मू-कश्मीरः महबूबा मुफ्ती से मिल सकेंगी उनकी बेटी, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी सना इल्तिजा जावेद को उनसे मिलने की इजाजत दे दी गई है।

सना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी मां से मिलने की इजाजत मांगी थी।

सना ने कहा था कि वह एक महीने से हिरासत में बंद अपनी मां से मिली नहीं हैं और उनकी सेहत को लेकर चिंतित है।

इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें महबूबा मुफ्ती से मिलने की इजाजत दे दी।

हिरासत

एक महीने से हिरासत में बंद है महबूबा मुफ्ती

केंद्र सरकार ने पिछले महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर को दिया विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का फैसला लिया था।

इसके बाद होने वाले संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए सरकार ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यधारा के नेताओं और सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था।

हिरासत में लिए नेताओं में महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुला, सज्जाद लोन और शाह फैसल आदि शामिल हैं।

अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने दी अनुमति

सना की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि क्या सरकार एक महिला को उसकी मां से मिलने के रास्ते में खड़ी होगी।

इस पर मेहता ने इनकार करते हुए कहा कि अगर सना डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट से भी अनुमति लेती तो उन्हें महबूबा मुफ्ती से मिलने की इजाजत दे दी जाती।

बता दें, महबूबा मुफ्ती को श्रीनगर के पास चश्मेशाही में हिरासत में रखा गया है।

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नोटिफाई करें

अनुमति

घूमने के लिए लेनी होगी प्रशासन की अनुमति

कोर्ट ने सना से पूछा कि उन्हें चेन्नई से श्रीनगर जाने से कौन रोक रहा है? इस पर सना ने कहा कि उन्हें चेन्नई जाने की इजाजत है, लेकिन श्रीनगर में घूमने नहीं दिया जा रहा।

उन्होंने कहा, "मैं अपनी मां से अकेले मिलना और श्रीनगर में मिलना चाहती हूं।" इस पर कोर्ट ने कहा कि वो अपनी मां से मिल सकती है, लेकिन उनके घूमने को लेकर प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

पत्र

सना ने गृहमंत्री को लिखा था पत्र

सुप्रीम कोर्ट में सना की याचिका पर एतराज जताते हुए मेहता ने 'फोरम के प्रयोग' पर सवाल उठाए। इस पर CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना हर नागरिक का विशेषाधिकार है।

बता दें कि पिछले महीने सना ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा था कि प्रतिबंध लागू होने के बाद जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को जानवरों की तरह बंद कर दिया गया है और उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

हाल ही में आई थी नेताओं की परिजनों से मुलाकात की खबर

मंगलवार को खबर आई थी कि हिरासत में बंद नेताओं से उनके परिजनों ने मुलाकात की थी। उमर अब्दुला और महबूबा मुफ्ती के परिजनों ने उनसे मिलने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी। दोनों के परिजनों ने दो बार उनसे मुलाकात की थी।

मांग

विपक्ष कर रहा है नेताओं की रिहाई की मांग

एक तरफ जहां केंद्र सरकार घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन नेताओं की हिरासत को सही ठहरा रही है वहीं विपक्ष लगातार इन नेताओं की रिहाई की मांग कर रहा है।

विपक्षी दल लगातार यह मांग कर रहे हैं कि हिरासत में बंद नेताओं को रिहा किया जाए।

कई विपक्षी नेताओं ने हिरासत में बंद जम्मू-कश्मीर के नेताओं से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन दिल्ली से गए इन नेताओं को श्रीनगर हवाई अड्डे से लौटा दिया गया।

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