भाजपा को रोकने के लिए लिए साथ आएगी कांग्रेस-TMC

राजनीति

13 Aug 2019

बंगालः भाजपा को रोकने के लिए हाथ मिलाने की तैयारी कर रही कांग्रेस और TMC

पश्चिम बंगाल में साल 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस ने राज्य में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से हाथ मिलाने की तैयारी कर रही है।

राज्य में भारतीय जनता पार्टी के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए दोनों पार्टियों ने अनौपचारिक तौर पर बातचीत शुरू कर दी है।

पिछले हफ्ते कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में TMC के चीफ व्पिह कल्याण बनर्जी से लंबी मुलाकात की थी।

मुलाकात

पी चिदंबरम भी कर चुके हैं TMC नेता से मुलाकात

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल और कल्याण के बीच चुनावों को देखते हुए दोनों पार्टियों में समन्वय बढाने पर चर्चा हुई।

इस दौरान राहुल ने कल्याण से पूछा कि वो राज्य में अपना 'असली दुश्मन' किसे मानते हैं।

इनके अलावा पी चिदंबरम और TMC नेता सुदीप बंधोपध्याय के बीच भी चर्चा हुई थी।

हालांकि, अभी यह अंदरखाते शुरू हुई हैं और इस बारे में कोई भी अंतिम निर्णय सोनिया गांधी और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ही लेंगी।

भाजपा को रोकने के लिए साथ आने को तैयार दोनों पार्टियां

कल्याण ने कहा कि कांग्रेस की तरह TMC भी भाजपा को अपना 'असली दुश्मन' समझती है। ऐसे में दोनों पार्टियां मिलकर भाजपा को सत्ता की सीढ़ी तक पहुंचने से रोक सकती है। हालांकि, यह डगर काफी मुश्किल होने वाली है।

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इतिहास

दोनों पार्टियां मिलकर लड़ चुकी हैं कई चुनाव

कांग्रेस और TMC के साथ जाने की संभावनाओं को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि पहले भी दोनों पार्टियां साथ मिलकर चुनाव लड़ चुकी हैं।

भारत-अमेरिका परमाणु डील पर लेफ्ट पार्टियों के समर्थन वापसी के ऐलान के बाद कांग्रेस ने 2009 में TMC के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था।

2011 विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियां साथ थीं। 2013 में अलग-अलग मामलों में मतभेद सामने आने के बाद दोनों के गठबंधन में दरार आई थी।

कांग्रेस की स्थिति

अकेले दम पर लड़ने की स्थिति में नहीं कांग्रेस

कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि बंगाल में कांग्रेस को अपनी चुनावी रणनीति पर विचार करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि 2016 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने लेफ्ट के साथ हाथ मिलाया था, लेकिन अब वह कमजोर हो चुका है।

नाम न जाहिर करने की शर्त पर इस नेता ने कहा कि कांग्रेस भी राज्य में इतनी मजबूत नहीं है कि अकेले दम पर भाजपा से लोहा ले सके।

वोट शेयर के मामले TMC के पास है भाजपा

कुछ महीनों पहले संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में TMC को राज्य में 43.3 प्रतिशत और भाजपा को 40.3 प्रतिशत वोट मिले थे। CPIM का वोट शेयर 6.3 प्रतिशत रहा था। इस मामले में कांग्रेस चौथे नंबर पर रही और उसे महज 5.6 प्रतिशत वोट मिले।

मुश्किल

TMC के विरोधी है अधीर रंजन चौधरी

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि राहुल और कल्याण की बैठक से पहले दोनों पार्टियों ने साथ आने में दिलचस्पी दिखाई थी।

ममता बनर्जी के करीबी नेताओं ने बताया कि उन्होंने सोनिया गांधी और कांग्रेस के दूसरे वरिष्ठ नेताओं जैसे आनंद शर्मा और अहमद पटेल के साथ अपना संवाद कायम रखा है।

हालांकि, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी TMC का खुलकर विरोध करने वाले नेताओं में शामिल हैं।

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