राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया संयुक्त सदन को संबोधित

राजनीति

20 Jun 2019

राष्ट्रपति ने किया संसद संयुक्त सदन को संबोधित, बालाकोट एयर स्ट्राइक समेत कही ये बड़ी बातें

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों ने मोदी सरकार को स्पष्ट बहुमत देकर 2014 से चले आ रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आदेश दिया है।

60 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने 'एक देश, एक चुनाव', राष्ट्रीय सुरक्षा और तीन तलाक जैसे कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।

इससे पहले पिछले कुछ दिनों में चुनकर आए सांसदों ने शपथ ली थी।

अभिभाषण

'सबका साथ, सबका विकास' के लिए कार्य कर रही सरकार

सांसदों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि वह महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष में संसद के पहले सत्र को संबोधित कर रहे हैं।

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने के लिए ओम बिड़ला को बधाई दी।

राष्ट्रपति ने कहा, "इस लोकसभा चुनाव में 61 करोड़ से अधिक नागरिकों ने वोट देकर नया कीर्तिमान मनाया। देश के लोगों ने स्पष्ट जनादेश दिया। सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के लिए कार्य कर रही है।"

विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का है जनादेश- राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने कहा, "यह जनादेश 2014 से चली आ रही विकास यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाने और तेज करने के लिए है। पिछले 5 सालों में नागरिक आश्वस्त थे कि सरकार उनके लिए हैं। सरकार ने देश को निराशा के माहौल से बाहर निकाला है।"

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नोटिफाई करें

जल संकट

जल संकट को बताया 21वीं सदी की सबसे बड़ी समस्या

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में जल संकट को 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया।

उन्होंने कहा, "जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग इस समस्या को और बढ़ाएंगे। हमें अपनी भावी पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण की जरूरत है। जल शक्ति मंत्रालय का निर्माण इस दिशा में निर्णायक कदम हैं। इसके दूरगामी लाभ होंगे।"

उन्होंने लोगों से जल संरक्षण को स्वच्छ भारत अभियान की तरह अपनाने की अपील की।

सरकार की कई योजनाओं की प्रशंसा की

इसके बाद राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और शहीदों के बच्चों को छात्रवृत्ति में वृद्धि समेत सरकार की कई योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सरकार में किसानों, मजदूरों, महिलाओं, गरीबों के लिए सशक्त योजनाएं बनी हैं।

महिला सशक्तिकरण

तीन तलाक, निकाह हलाला पर पाबंदी की पैरवी

राष्ट्रपति ने तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी कुरीतियों पर पाबंदी लगाने की बात भी कही।

उन्होंने कहा, "देश की हर बहन और बेटी के अधिकारों की रक्षा के लिए तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने की जरूरत है।"

उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण उनकी सरकार की सबसे अहम प्राथमिकताओं में से एक है।

राष्ट्रपति ने लोकसभा में रिकॉर्ड 78 महिला सांसदों की उपस्थिति पर भी अपनी राय रखी।

राष्ट्रीय सुरक्षा

बालाकोट एयर स्ट्राइक को बताया इरादों और क्षमताओं का परिचय

राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक करके सरकार ने ये साबित भी किया है।

उन्होंने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक भारत के इरादों और क्षमताओं का एक प्रदर्शन थीं।

विदेश नीति पर उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ खड़ी है और मौलाना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी घोषित किया जाना इसका सबूत है।

NRC कानून

घुसपैठ की समस्या से जूझ रहे इलाकों में लागू होगा NRC

इस बीच राष्ट्रपति ने विवादित NRC कानून पर कहा कि वैध तरीके से दाखिल हुए विदेशी देश के लिए खतरा है और घुसपैठ की समस्या से जूझ रहे इलाकों में NRC लागू किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय वैज्ञानिक चंद्रयान-2 लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं और अतंरिक्ष में मानव भेजने का कार्य भी काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भाषण का अंत

'एक देश, एक चुनाव' को देश हित में बताया

अपने अभिभाषण के अंत में राष्ट्रपति ने 'एक देश, एक चुनाव' व्यवस्था की पैरवी करते हुए इसे राष्ट्रहित में बताया।

उन्होंने कहा कि देश के हर हिस्सों में कहीं न कहीं चुनाव होता रहता है और इसी वजह से समय की मांग है कि एक राष्ट्र एक चुनाव की व्यवस्था लाई जाए ताकि देश का विकास तेजी से हो सके।

उन्होंने सांसदों से महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलते हुए लोगों की सेवा करने की अपील की।

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