पूर्व ओलंपियन का कांग्रेस अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव

राजनीति

07 Jun 2019

पूर्व ओलंपियन ने कहा- राहुल की जगह मुझे कांग्रेस अध्यक्ष बनाओ, बदल दूंगा पार्टी की काया

पूर्व ओलंपियन असलम शेर खान ने राहुल गांधी को खत लिखकर उनकी जगह 2 साल के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने की बात कही है। उन्होंने पार्टी को हार से उबारने का वादा किया है।

राहुल गांधी के इस्तीफे पर चल रहे हंगामे के बीच खान ऐसे पहले नेता हैं जिन्होंने राहुल की जगह कांग्रेस अध्यक्ष बनने की इच्छा जाहिर की है।

हालांकि, पार्टी के कई शीर्ष नेता उनके प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

पृष्ठभूमि

इस्तीफा देने पर अड़े हुए है राहुल गांधी

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस कार्यकारिणी समिति (CWC) की बैठक में राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे CWC ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।

इसके बाद भी राहुल गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं और पार्टी को अगल अध्यक्ष ढूढ़ने के लिए कुछ समय दिया है।

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उन्हें मनाने में लगे हुए हैं, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि इस्तीफे पर दोबारा विचार नहीं करेंगे।

उपलब्धियां

विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं खान

अब केंद्रीय मंत्री रह चुके 65 वर्षीय असलम खान ने राहुल की जगह अध्यक्ष पद संभालने की पेशकश की है।

खान 1975 में विश्व कप जीतने वाली हॉकी टीम का हिस्सा रहे हैं और 1972 म्यूनिख ओलपिंक में हिस्सा लिया था।

27 मई को राहुल को भेजे गए पत्र में उन्होंने लिखा है, "मैं पार्टी को अपनी सेवाएं देना चाहूंगा और 2 साल के समय के लिए कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालना चाहूंगा।"

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आधार

खिलाड़ी और नेता के तौर पर अपने अनुभव के आधार पर दावा

खान ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और राजनेता के तौर पर अपने अनुभव के आधार पर ये प्रस्ताव दिया है।

उन्होंने लिखा है, "एक हॉकी खिलाड़ी के तौर पर मैंने कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को साबित किया है। विश्व कप के सेमीफाइनल में जब हम 2-1 से पिछड़ रहे थे, तब मुझे सबस्टिट्यूट की तरह मैदान पर आने का मौका मिला और मैंने बराबरी का गोल दागा। इतिहास गवाह है कि भारत ने मैच और विश्व कप दोनों जीता।"

आश्वासन

दो साल के अंदर पलटवार करने का वादा

राजनेता के तौर पर अपने अनुभव के बारे में खान ने लिखा है कि कैसे प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री बनने के कुछ ही महीने के अंदर उन्होंने 1996 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 140 सीटें जीतने में मदद की।

उन्होंने लिखा है, "अगर आप मुझमें भरोसा और विश्वास दिखाते हैं तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि मैं दो साल के अंदर एक और बराबरी का गोल करने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। लेकिन इसके आप सबसे बेहतर जज हैं।"

मुसीबतें

खान के इस्तीफे पर है मतभेद

बता दें कि खान कई बार अपने बयानों के लिए कांग्रेस के एक वर्ग के निशाने पर रहे चुके हैं।

2017 में उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष अरुण लाल के खिलाफ बयान दिया था, जिसके बाद राज्य इकाई ने उनके कांग्रेस पार्टी का हिस्सा न रहने की घोषणा की थी।

राज्य कांग्रेस ने दावा किया कि उन्होंने 5 सितंबर, 2016 को सोनिया गांधी को इस्तीफा दिया जो स्वीकार कर लिया गया।

खान ने दावों को खारिज किया है।

कमल नाथ और सिंधिया की तारीफ कर चुके हैं खान

खान मध्य प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री कमल नाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि ये दोनों ही 2018 विधानसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस को जीत दिला सकते हैं। अंत में ये बात सही साबित हुई।

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