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राजनीति
15 Apr 2019

भाषण देने का मौका नहीं मिला तो स्टेज पर बैठे-बैठे रोने लगे भाजपा नेता

बोलने का मौका नहीं मिला तो रोने लगे पूर्व विधायक

देश में लोकसभा चुुनाव शुरू हो गए हैं। पहले चरण के लिए वोटिंग हो चुकी है वहीं बाकी के चरणों के लिए चुनाव प्रचार जारी है।

इस दौरान अलग-अलग तस्वीरें सामने आती हैं। ऐसी ही एक अलग तस्वीर हरियाणा के पलवल में दिखी।

यहां पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पूर्व विधायक को स्टेज पर बोलने का मौका नहीं मिला तो वे रोने लग गए।

आइये, जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या था।

प्रसंग

बोलने का मौका नहीं मिला तो रोने लगे पूर्व विधायक
स्टेज पर करते रहे अपनी बारी का इंतजार

मामला

स्टेज पर करते रहे अपनी बारी का इंतजार

दरअसल, रविवार को पलवल के औरंगाबाद गांव में भाजपा की विजय संकल्प रैली थी। इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी शिरकत थी।

स्टेज पर होडल के पूर्व भाजपा विधायक रामरतन भी बैठे थे। रैली को खट्टर ने संबोधित किया, लेकिन रामरतन को बोलने का मौका नहीं मिला तो वे स्टेज पर बैठे-बैठे ही रोने लग गए।

जब लोग उन्हें चुप कराने गए तो वे बार-बार गले में लटके भाजपा के पटके से आंसू पोंछते नजर आए।

नहीं बताई रोने की वजह

रामरतन जब स्टेज पर रो रहे थे तो वहां मौजूद दूसरे नेताओं ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की। वहां मौजूद भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने जब उनसे रोने की वजह पूछी तो उन्होंने कुछ नहीं कहा और रोते रहे।

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प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने रामरतन को बताया पार्टी का सच्चा सिपाही

रैली के बाद जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री खट्टर से रामरतन के रोने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के कारण रामरतन जी का बोलने का नंबर नहीं आया।

खट्टर ने कहा कि उन्होंने खुद लोगों को रामरतन के बारे में बताया है। वे पार्टी के सच्चे सिपाही हैं।

वहीं दूसरे भाजपा नेताओं ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने रामरतन की तारीफ की तो वे भावुक हो गए थे।

बता दें, हरियाणा में 12 मई को चुनाव होंगे।

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