फल से जुड़े भ्रमों की जानें सच्चाई

लाइफस्टाइल

07 Sep 2019

फलों से जुड़ी इन पांच बातों को लोग मानते हैं सच, जानें इनकी सच्चाई

फल सेहत के लिए अच्छे होते हैं, ये तो सभी जानते हैं। लेकिन अगर यही फल आपको बीमार कर दें तो इस बारे में आपका सवाल होगा, कैसे?

फलों के बारे में हमारे मन में बहुत सारे मिथ होते हैं।

जैसे हम बहुत बार सुनते हैं की अगर कोई मधुमेह का रोगी है तो उन्हें सोने से पहले फल नहीं खाने चाहिए।

ऐसे ही बहुत सारे मिथ हैं जिनकी सच्चाई हमें जाननी चाहिए।

आइए जानें।

पहला मिथ

सुबह उठने के 6 घंटे बाद ही फल खाएं

आमतौर पर यह माना जाता है कि हमारी पाचन शक्ति दोपहर के आसपास कम हो जाती है।

फलों जैसे चीनी से भरपूर पदार्थ को खाने से शुगर का स्तर बढ़ता है, जिससे यह किसी के भी पाचन तंत्र को खराब कर सकता है।

लेकिन सच्चाई यह है कि हमारा पाचन तंत्र फलों के साथ या बिना, कभी भी भोजन को पचाने में बेहतर है। इसलिए दिन या रात के समय फल खाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

दूसरा मिथ

सोने से पहले फल न खाएं

कुछ लोग मानते हैं कि सोने से पहले फल खाने से वजन बढ़ता है क्योंकि वे कैलोरी को बढ़ाते हैं।

लेकिन सच्चाई तो यह है कि दिन के बाकी वक्त की तरह ही हमारे शरीर में रात के समय भी कैलेरी कम होती रहती है।

तो वास्तव में आप बिना कैलोरी के बारे में चिंता किए, किसी भी समय अपने पसंदीदा फल खा सकते हैं।

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तीसरा मिथ

अगर आप डायबिटिक रोगी हैं तो फलों का सेवन न करें

यह एक मिथक है कि मधुमेह के रोगियों को फल नहीं खाने चाहिए क्योंकि वे "बहुत मीठे" होते हैं।

लेकिन आम बातों के विपरीत, फल हमारे शुगर स्तर को नहीं बढ़ाते, बल्कि वो तो अधुरे खाने की क्षमता को पूरा करते है।

वास्तव में फलों और सब्जियों को संतुलित रुप से खाना चहिए, चूंकि दोनों में ही विटामिन, प्रोटीन और फाइबर होते हैं, इसलिए आप फलों का सेवन कर सकते हैं। तो मधुमेह के रोगी फल खा सकते हैं।

चौथा मिथ

फलों का जूस पीना उतना ही अच्छा, जितना कि पूरा फल खाना

हम हमेशा यही सोचते हैं कि फलों का जूस पीना उतना ही अच्छा हैं, जितना कि पूरे फल को खाना। लेकिन ऐसा नहीं है।

फलों के रस में अधिक फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट होते हैं। इससे हमारी त्वचा अच्छी होती है।

लेकिन बाहर से मिलने वाले डिब्बों में बंद फलों का रस न पिएं, क्योंकि डिब्बाबंद फलों के रस में अधिक शक्कर और रंग मिलाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खराब हो सकते हैं।

पांचवां मिथ

आप ज्यादा से ज्यादा फल खा सकते हैं

बहुत से लोग मानते हैं कि फलों में कैलेरी कम होती हैं और आप जितने चाहें उतने फल खा सकते हैं। लेकिन यह सच नहीं है।

खैर, सच्चाई तो ये है कि फलों में सामान्य शर्करा और कैलेरी भी होती है, इसलिए फल ज्यादा मात्रा में खाने से वजन बढ़ सकता है।

याद रखें कि संयम बहुत जरुरी है। इसलिए फल खाएं, बस कुछ जगहों पर सावधानी जरूर बरतें।

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