अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Content
11 Apr 2019

गर्मियों में अस्थमा के मरीज़ों को होती है ज़्यादा परेशानी, इन आयुर्वेदिक उपायों से करें बचाव

गर्मियों में अस्थमा के मरीज़ रखें ख़ास ख़याल

आजकल तेज़ी से लोगों की लाइफ़स्टाइल में बदलाव हुआ है, इसके साथ ही प्रदूषण भी बढ़ा है।

इस वजह से अस्थमा में मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

यह श्वसन तंत्र से जुड़ा रोग होता है, इसलिए मरीज़ को साँस लेने में काफ़ी तकलीफ़ होती है।

गर्मियों में अस्थमा की समस्या बढ़ जाती है, इसलिए मरीज़ों को ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत होती है।

आज हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे आप अपना सकते हैं।

प्रसंग

गर्मियों में अस्थमा के मरीज़ रखें ख़ास ख़याल

कारण

क्या है अस्थमा और इसके कारण?

अस्थमा को आम शब्दों में दमा भी कहा जाता है। इस बीमारी में श्वसन नलिका प्रभावित होती है और इसके अंदर सूजन आ जाती है।

इस स्थिति में साँस लेने में परेशानी होती है और फेफड़ों में हवा की मात्रा कम हो जाती है।

मिलावटी खानपान, धूम्रपान, अधिक मात्रा में शराब का सेवन, महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, ज़्यादा नमक खाना, तनाव और मोटापा अस्थमा के मुख्य कारण हैं।

लेकिन इस रोग का मुख्य कारण वायु प्रदूषण है।

इस वजह से गर्मियों में बढ़ जाती है अस्थमा की समस्या

अस्थमा

इस वजह से गर्मियों में बढ़ जाती है अस्थमा की समस्या

गर्मियों में इंफ़ेक्शन की वजह से अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है।

इस मौसम में चलने वाली सर्द-गर्म हवाएँ भी अस्थमा रोगियों के लिए परेशानी लाती है।

गर्मियों में उड़ने वाली धूल-मिट्टी से मरीज़ों को एलर्जी हो जाती है।

गर्मियों में ज़्यादातर लोग चिलचिलाती धूप से आने के बाद तुरंत कुछ ठंडा खा लेते हैं, जिससे खाँसी, कफ व गले का इंफ़ेक्शन हो जाता है।

सामान्य लोगों की अपेक्षा अस्थमा के मरीज़ों को इंफ़ेक्शन में ज़्यादा परेशानी होती है।

Content की खबरें पसंद हैं?

नवीनतम खबरों से अपडेटेड रहें।

नोटिफाई करें

इन लक्षणों से पहचाने अस्थमा

अगर किसी व्यक्ति को साँस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न, बेचैनी महसूस होना, लगातार खाँसी आना, नाक बजना या सिर भारी होने जैसी समस्याएँ हो रही हैं, तो समझ जाएँ कि उसे अस्थमा हो सकता है। इससे बचने के लिए ये उपाय अपनाएँ।

उपाय 1 और 2

अंजीर और सहजन की पत्तियाँ

अस्थमा के मरीज़ चार सूखे अंजीर को रातभर पानी में भिगोकर सुबह ख़ाली पेट खाएँ। इससे श्वसन नली में जमा कफ धीरे-धीरे बाहर निकल जाएगा। जिससे अस्थमा के मरीज़ों को आराम मिलेगा।

अस्थमा के मरीज़ों के लिए सहजन की पत्तियाँ बहुत फ़ायदेमंद होती हैं। सहजन की पत्तियों को एक कप पानी में उबालकर छान लें, फिर इसमें चुटकीभर नमक, एक चौथाई चम्मच नींबू का रस और काली मिर्च पाउडर डालकर पीएँ, जल्द आराम मिलेगा।

लहसुन का दूध, आजवाइन का पानी और लौंग का पानी

उपाय 3 और 4

लहसुन का दूध, आजवाइन का पानी और लौंग का पानी

अस्थमा के रोगियों के लिए लहसुन बहुत लाभकारी है। इसके लिए 2-3 लहसुन को दूध में डालकर उबाल लें और रात को सोने से पहले पीएँ। इससे अस्थमा में आराम मिलेगा।

इसके अलावा आजवाइन का गर्म पानी पीने या इसकी भाँप लेना भी अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है।

साथ ही उबले हुए लौंग के पानी में शहद मिलाकर काढ़ा बनाएँ और पीएँ। इससे अस्थमा में आराम मिलता है।

अगली खबर