मोदी जिनपिंग के बीच नहीं हुई कश्मीर मुद्दे पर बात

देश

12 Oct 2019

मोदी और जिनपिंग की बैठक में नहीं उठा कश्मीर मुद्दा, भारत ने कहा- हमारा आंतरिक मसला

चेन्नई के महाबलिपुरम में अनौपचारिक शिखर वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कई अहम मुद्दों पर बात की, लेकिन इसमें कश्मीर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और जिनपिंग दोनों में से किसी ने भी मुद्दे को नहीं उठाया।

हालांकि इस बीच जिनपिंग ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के चीन दौरे के बारे में जरूर बताया और प्रधानमंत्री मोदी उनकी बात सुनते रहे।

बैठकें

दूसरे दिन क्या-क्या हुआ?

बता दें शिखर वार्ता के दूसरे दिन की शुरूआत सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री मोदी और जिनपिंग के बीच 'ताज फिशरमैन्स कॉव रिसॉर्ट एंड स्पा' में वन-टू-वन बैठक के साथ हुई।

इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में हिस्सा लिया जहां प्रधानमंत्री मोदी ने इस वार्ता को भारत-चीन संबंधों में नया अध्याय बताया।

अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने जिनपिंग के लिए लंच का आयोजन किया जिसके बाद वह नेपाल के लिए रवाना हो गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने गिफ्ट की जिनपिंग की तस्वीर वाली कांजीवरम रेशम की शॉल

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने जिनपिंग को कांजीवरम रेशम से बनी हुई एक शॉल तोहफे में दी। इस शॉल पर जिनपिंग की तस्वीर बनी हुई है। इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें नचियारकोइल-ब्रांच अन्नम लैंप और तंजावुर स्टाइल की पेंटिंग गिफ्ट की थी।

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नोटिफाई करें

अहम मुद्दे

व्यापार और निवेश संबंधी मुद्दों पर चर्चा के लिए बनेगा नया तंत्र

विदेश सचिव विजय गोखले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बैठक के कुछ अहम मुद्दों के बारे में बताया।

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवाओं पर चर्चा के लिए एक नया तंत्र बनाया जाएगा जिसका प्रबंधन भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और चीन के उपराष्ट्रपति संभालेंगे।

गोखले ने बताया कि जिनपिंग ने अगली अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिए प्रधानमंत्री मोदी की चीन आमंत्रित किया है, जिसकी तारीखें बाद में तय होंगी।

कश्मीर विवाद

गोखले बोले, कश्मीर हमारा आंतरिक मसला, बैठक में नहीं हुई कोई चर्चा

बैठक में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा संबंधी सवाल पर गोखले ने कहा, "ये मुद्दा न बैठक में उठा और न इस पर कोई चर्चा हुई। वैसे भी इस पर हमारी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है कि ये भारत का आंतरिक मामला है हालांकि राष्ट्रपति जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बीजिंग दौरे के बारे में जानकारी जरूर दी।"

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी जिनपिंग की बातें सुनते रहे।

पृष्ठभूमि

भारत आने से पहले जिनपिंग ने पाकिस्तान को किया था कश्मीर पर समर्थन का वादा

बता दें कि भारत आने से पहले जिनपिंग ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बीजिंग में मुलाकात की थी।

इसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीर के हालात पर उनकी नजर है और चीन विवाद में पाकिस्तान के साथ है।

उनके बयान पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने उसके आंतरिक मामलों में बाहरी देशों की दखलअंदाजी पर सख्त आपत्ति जताई थी।

इसी कारण सबकी नजरें इस बात पर थीं कि क्या इस बातचीत में कश्मीर पर चर्चा होगी।

मुद्दे

पहले दिन हुई व्यापार, आपसी संबंध और आतंकवाद पर चर्चा

इससे पहले अनौपचारिक वार्ता के पहले दिन भी मोदी और जिनपिंग ने व्यापार, आपसी संबंध और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।

डिनर पर उनकी चर्चा तय समय से बेहद अधिक 150 मिनट तक चली।

इसमें दोनों नेताओं ने कट्टरता पर चिंता जताई और कट्टरता और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई को जरूरी बताया।

इसके अलावा मोदी और जिनपिंग ने आपसी व्यापार बढ़ाने और मौजूदा व्यापारिक घाटे जैसे अहम व्यापारिक मुद्दों पर भी चर्चा की।

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