ISRO ने लगाया विक्रम का पता

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08 Sep 2019

चंद्रयान-2: ISRO ने लगाया विक्रम लैंडर की लोकेशन का पता, संपर्क साधने की कोशिश जारी

चंद्रयान-2 मिशन को लेकर एक बड़ी खबर आई है। ISRO ने विक्रम लैंडर की लोकेशन का पता लगा लिया है और उससे संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है।

ISRO प्रमुख के सिवन ने ANI को बताया, "हमने चांद की सतह पर विक्रम लैंडर की लोकेशन पता कर ली है और ऑर्बिटर ने उसकी थर्मल इमेज भेजी है, लेकिन अभी तक उससे संपर्क नहीं हो पाया है। हम उससे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। यह जल्द होगा।"

लैंडिंग से पहले टूटा था विक्रम लैंडर से संपर्क

बता दें कि विक्रम लैंडर का चांद की सतह पर लैंड करने से 90 सेकंड पहले कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया था। इसके बाद से ISRO लगातार यह संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है।

मिशन

अंतिम क्षणों में टूटा विक्रम से संपर्क

ISRO अपनी पहली कोशिश में चांद की सतह पर जाने से चूक गया। चंद्रयान-2 मिशन में भेजे गए विक्रम लैंडर को शनिवार की रात 1 बजकर 52 मिनट पर चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी।

इसके लिए इसकी स्पीड को हजारों किमी प्रति घंटे से कम कर सात किमी प्रति घंटे पर लाना था।

माना जा रहा है कि इसकी स्पीड पर नियंत्रण नहीं हो पाया और इससे संपर्क टूट गया। उस वक्त यह सतह से दो किलोमीटर ऊपर था।

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लोकेशन

लैंडिंग की तय जगह से 500 मीटर है दूर विक्रम

ISRO ने बताया कि विक्रम लैंडर लैंडिंग की तय जगह से लगभग 500 मीटर दूर है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इसकी स्थिति कैसी है।

चंद्रयान-2 मिशन में भेजे गए ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजॉल्यूशन कैमरा ने इसकी तस्वीर ली है। ISRO अब कंट्रोल रूम से संदेश भेजेन की कोशिश में लगा है ताकि विक्रम से संपर्क दोबारा स्थापित हो सके।

ISRO प्रमुख ने जल्द ही संपर्क स्थापित होने की उम्मीद जताई है।

ISRO की कोशिशों को दुनिया कर रही सलाम

ISRO भले ही पहली कोशिश में चांद पर नहीं उतर पाया, लेकिन उसके सफर को दुनिया सलाम कर रही है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने कहा कि ISRO का काम प्रेरणा देने वाला है। इसके अलावा अमेरिका ने इस मिशन को बड़ा कदम बताया है।

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