कल से महँगी होगी ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग

देश

31 Aug 2019

कल से महँगी होगी ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग, जानें क्या होगा नया चार्ज

अगर आप अक्सर ही भारतीय रेलवे से यात्रा करते हैं, तो यह ख़बर आपके लिए ही है।

ख़ासतौर से यदि आप ई-टिकट के ज़रिए यात्रा करते हैं, तो जान लें कि 1 सितंबर, 2019 यानी कल से आपकी यात्रा महँगी हो सकती है।

दरअसल, भारतीय रेलवे कल से ई-टिकट पर लगने वाले सर्विस चार्ज को दोबारा से लागू करने जा रहा है।

इसके बाद ऑनलाइन ई-टिकट बुक करने पर क्या चार्ज लगाया जाएगा, इसके बारे में यहाँ विस्तार से जानें।

दोबारा लगेगा ई-टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कल से ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज फिर से लगने जा रहा है। IRCTC ई-टिकट बुक करने पर 20 रुपये से लेकर 40 रुपये तक का सर्विस चार्ज लगाएगा।

कीमत

कितना महँगा हुआ ऑनलाइन ट्रेन टिकट?

कितना महँगा हुआ ऑनलाइन ट्रेन टिकट?

अगर आप ट्रेन में स्लीपर टिकट ऑनलाइन बुक करेंगे, तो आपको 20 रुपये का सर्विस चार्ज देना होगा। वहीं, AC क्लास की बुकिंग के लिए आपसे 40 रुपये सर्विस चार्ज के तौर पर वसूले जाएँगे।

जो लोग स्लीपर टिकट बुक करते समय भीम ऐप से भुगतान करेंगे, उन्हें 10 रुपये का सर्विस चार्ज देना होगा। जबकि, भीम ऐप से AC टिकट की बुकिंग का भुगतान करने पर 20 रुपये सर्विस चार्ज के तौर पर चुकाना होगा।

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नोटिफाई करें

नोटबंदी

नोटबंदी के बाद वापस ले लिया गया था सर्विस टैक्स

बता दें कि नवंबर, 2016 में हुई नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए ई-टिकट पर लगने वाला सर्विस टैक्स वापस ले लिया गया था।

उस समय यह तर्क दिया गया था कि इससे ई-टिकट को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद सच में ई-टिकट का चलन काफ़ी बढ़ गया।

रेलवे अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि इस समय रोज़ाना जारी होने वाले कुल रिज़र्वेशन टिकट में ई-टिकट की हिस्सेदारी लगभग 50-60% है।

रोज़ाना देश में जारी किए जाते हैं 11-12 लाख रिज़र्वेशन टिकट

आँकड़ों पर नज़र डालें, तो पता चलता है कि 2016 में रोज़ाना जारी होने वाले कुल टिकटों में ई-टिकट का हिस्सा 35-40% था। रेलवे के आँकड़ों के अनुसार, देशभर में लगभग 11-12 लाख रिज़र्वेशन टिकट रोज़ जारी किए जाते हैं।

नुकसान

हर साल IRCTC को हो रहा था 88 करोड़ रुपये का नुकसान

हर साल IRCTC को हो रहा था 88 करोड़ रुपये का नुकसान

ख़बरों के अनुसार, सर्विस चार्ज हटाने से IRCTC को हर साल लगभग 88 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।

वित्त मंत्रालय ने रेलवे का यह घाटा पूरा करने की बात कही, इसलिए मंत्रालय ने दो सालों तक 120 करोड़ रुपये सालाना देने का फ़ैसला किया था।

इसके लिए 19 जुलाई को वित्त मंत्रालय की एक बैठक हुई थी। बैठक में सर्विस चार्ज को री-इम्बर्स न करने का फ़ैसला लिया गया था।

रेलवे की बैठक में लिया गया सर्विस चार्ज दोबारा लेने का फ़ैसला

इसके बाद 3 अगस्त को रेलवे बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें यह फ़ैसला लिया गया कि सर्विस चार्ज दोबारा वसूला जाएगा। मनी भास्कर के अनुसार, रेलवे बोर्ड के जॉइंट डायरेक्टर ट्रैफ़िक कमर्शल (जनरल) बीएस किरन ने दोबारा सर्विस चार्ज वसूलने की पुष्टि की थी।

नियम

काउंटर से वेटिंग टिकट लेकर यात्रा करना हुआ अपराध

इसके अलावा अब से आप टिकट काउंटर से वेटिंग टिकट लेकर भी रिज़र्वेशन बोगी में यात्रा नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने पर आपको जेल हो सकती है।

भारतीय रेलवे के नियम के तहत वेटिंग टिकट के साथ यात्रा करना, बिना टिकट के यात्रा करने के समान माना जाएगा और TTE आपको बोगी से बाहर निकाल सकता है।

साथ ही रेलवे एक्ट 1989 के तहत आपके ख़िलाफ़ कानूनी कार्यवाई भी की जा सकती है।

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