कश्मीर पर फ्रांस ने दिया भारत का साथ

देश

23 Aug 2019

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कश्मीर पर की प्रधानमंत्री मोदी से बात, भारत का किया समर्थन

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की और स्थिरता बनाए रखने की अपील की।

मैक्रों ने ये भी कहा कि वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मुद्दे पर बात करेंगे और कहेंगे कि मामले को द्विपक्षीय बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

बता दें कि मोदी फ्रांस के दौरे पर हैं।

आपस में मामला सुलझाए भारत और पाकिस्तान- मैक्रों

गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए मैक्रों ने भारत की दलीलों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को मसले को आपस में सुलझाना चाहिए और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

बयान

मैक्रों ने कहा, इमरान से भी बात करूंगा

मैक्रों ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कश्मीर पर चर्चा की है।

इस बीच उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी को भी मामले में हिंसा नहीं भड़कानी चाहिए। उन्होंने लोगों के अधिकारों की रक्षा की भी बात कही।

मैक्रों ने कहा कि वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान से भी मुद्दे पर बात करेंगे और उन्हें समझाएंगे कि इसे भारत और पाकिस्तान आपस में बातचीत करके सुलझाए।

हालांकि मोदी ने अपने बयान में कश्मीर पर कुछ नहीं बोला।

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मोदी का बयान

मोदी ने कहा, आदर्शों पर आधारित है भारत-फ्रांस की दोस्ती

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के ठोस आदर्शों पर आधारित है।

बता दें कि स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का नारा 1789 की फ्रांस क्रांति का बहुत बड़ा नारा था।

मोदी ने कहा कि आज आतंकवाद, पर्यावरण, क्लाइमेट चेंज और तकनीक में समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत और फ्रांस मजबूती से साथ खड़े हैं।

दोस्ती

भारत का भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है फ्रांस

बता दें कि हालिया वर्षों में सभी मोर्चों खासकर आतंकवाद, रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में फ्रांस के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक बनकर उभरा है।

फ्रांस पहले ही आतंकवाद पर वैश्विक सम्मेलन का समर्थन कर चुका है।

दरअसल, भारत की तरह फ्रांस भी आतंक का शिकार रहा है।

आतंकी संगठन ISIS के उभार के बाद फ्रांस में कई बड़े आतंकी हमले हुए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था।

भरोसेमंद साथी

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने में फ्रांस का था अहम योगदान

पाकिस्तान पोषित आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में भी फ्रांस ने भारत को बहुत साथ दिया है।

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने में फ्रांस का बड़ा योगदान दिया था और उसने खुद ये प्रस्ताव UNSC में रखा था।

इसके अलावा हाल ही में जम्मू-कश्मीर के मसले पर हुई UNSC की अनौपचारिक बैठक में भी फ्रांस ने भारत का समर्थन किया था। बता दें कि फ्रांस UNSC का स्थाई सदस्य है।

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