सैफई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का क़हर

देश

21 Aug 2019

उत्तर प्रदेश: सीनियर छात्रों ने रैगिंग के दौरान मुंडवा दिए 150 जूनियर छात्रों के सिर

भले ही रैगिंग को बुरा माना जाता है, लेकिन आज भी देश के बड़े-बड़े संस्थानों में रैगिंग के नाम पर जूनियर छात्रों पर ज़ुल्म किए जाते हैं।

रैगिंग के नाम पर सीनियर छात्र, अपने जूनियर छात्रों से ऐसे-ऐसे काम करवाते हैं, जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकते।

हाल ही में रैगिंग का मामला उत्तर प्रदेश के सैफई मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला, जहाँ सीनियर छात्रों ने रैगिंग के नाम पर 150 जूनियर छात्रों के सिर मुंडवा दिए।

वीडियो

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

ख़बरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जिसे सैफई मेडिकल कॉलेज के नाम से भी जाना जाता है, में रैगिंग के नाम पर सीनियर छात्रों ने 150 जूनियर छात्रों के सिर मुंडवा दिए और उन्हें सैल्यूट करने पर मजबूर किया।

इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहे हैं, जिसमें जूनियर छात्रों को अपने सीनियर छात्रों के सामने सिर झुकाते हुए देखा जा सकता है।

घटना सामने आने के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है।

मुंडे सिर के साथ क़दमताल करते जूनियर छात्र

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नोटिफाई करें

रैगिंग

रैगिंग रोकने के लिए सिक्योरिटी गार्ड ने कुछ नहीं किया

एक वीडियो में कुछ छात्रों को सफ़ेद कोट पहनकर लाइन में चलते देखा जा सकता है। सभी छात्रों के सिर मुंडे हुए हैं।

वहीं, एक अन्य वीडियो में जूनियर छात्रों को क़दमताल करते हुए और अपने सीनियर को सैल्यूट करते हुए भी देखा जा सकता है।

जबकि, तीसरे वीडियो में जूनियर छात्रों के पास एक सिक्योरिटी गार्ड को खड़े देखा जा सकता है, लेकिन वह रैगिंग को रोकने के लिए कुछ नहीं करता है।

प्रतिक्रिया

वीडियो पर यूनिवर्सिटी के कुलपति ने दी प्रतिक्रिया

वीडियो पर यूनिवर्सिटी के कुलपति ने दी प्रतिक्रिया

वीडियो सामने आने के बाद उस पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राज कुमार ने दावा किया कि संस्था ने स्पेशल स्क्वाड गठित किए हैं, जो रैगिंग की घटनाओं पर रोक लगाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि संस्था रैगिंग करने वाले छात्रों को निलंबित भी करता है।

उन्होंने बताया, "हम इस तरह की घटनाओं पर कड़ी नज़र रखते हैं और हमारे यहाँ छात्रों के इस तरह के मामलों के लिए अलग से डीन (सोशल वेलफेयर) भी हैं।"

कार्यवाई

दोषियों के ख़िलाफ़ की जाएगी कड़ी कार्यवाई- कुलपति

कुलपति ने आगे बताया, "हमारे यहाँ शिकायतों का निपटारा करने के लिए एक एंटी-रैगिंग कमेटी भी है और एक स्पेशल स्क्वाड भी है, जो रैगिंग को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी में हर जगह दौरा करता है।"

उन्होंने आगे कहा, "रैगिंग से जुड़े किसी भी मामले में छात्र एंटी-रैगिंग कमेटी या अपने वार्डनों से शिकायत कर सकते हैं।"

कुलपति ने आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी शामिल होंगे, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाई की जाएगी।

मुलायम सिंह के मुख्यमंत्री काल में हुई थी यूनिवर्सिटी की स्थापना

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सैफई गाँव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश यादव का घर है। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना भी उसी समय हुई थी, जब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे।

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