बाढ़ में तैरकर तय किया सफर, फिर जीता मेडल

देश

12 Aug 2019

कर्नाटक: रात को बाढ़ के पानी में तैर कर चैंपियनशिप में पंहुचा बॉक्सर, फिर जीता मेडल

कर्नाटक के बेलागवी जिले के मन्नूर गांव के रहने वाले 19 वर्षीय बॉक्सर निशान मनोहर कदम ने पिछले सप्ताह राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था, लेकिन यह कहानी कदम की इस जीत की नहीं बल्कि इस जीत के पीछे की अदम्य इच्छाशक्ति की है।

उनकी यह इच्छाशक्ति बाढ़ की मार झेल रहे कई राज्यों के करोड़ों लोगों को एक उम्मीद देती है।

क्या है कदम की यह कहानी? आइये, विस्तार से जानते हैं।

बाढ़

सड़क से गांव के रास्तों पर भरा पानी

TOI के मुताबिक, 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले कदम पिछले काफी समय से इस चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जैसे ही चैंपियनशिप के दिन नजदीक आए, उनके गांव में बाढ़ आ गई।

सड़क से उनके गांव को जोड़ने वाले सभी रास्तों पर कई फीट पानी भर गया, लेकिन मजबूत हौसले कदम के साथ चट्टान बनकर खड़े रहे।

कदम और उनके पिता ने इस मुश्किल का सामना करने की ठानी और आज कदम अपनी अलग पहचान लिए खड़े हैं।

बाढ़

रास्तों में भरा था सिर तक पानी

कदम को चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए 7 अगस्त को बेंगलुरू जाना था। उस दिन उनके गांव में सिर तक पानी भरा हुआ था।

मुख्य सड़क तक जाने वाले रास्ते डूबे हुए थे। इसे देखते हुए कदम और उनके पिता ने बॉक्सिंग किट को प्लास्टिक में बांधा और बाढ़ के पानी में उतर गए।

2.5 किलोमीटर का सफर उन्होंने तैरकर पार किया। यहां कदम की टीम उनका इंतजार कर रही थी। वहां से ट्रेन पकड़कर वो बेंगलुरू पहुंचे।

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अगली बार गोल्ड मेडल जीतूंगा- कदम

अगले दिन कदम ने सिल्वर मेडल जीता।

अपनी खुशी जाहिर करते हुए कदम ने कहा, "मैं इस इवेंट का लंबे समय से इंतजार कर रहा था और किसी भी कीमत पर यह मौका नहीं छोड़ना चाहता था। हमारे इलाके में पानी भरा हूआ था, जिस वजह से कोई वाहन वहां आ-जा नहीं सकता। इसलिए सिवाय तैरकर आने के मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था।"

कदम ने उम्मीद जताई कि अगली बार वो इस चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतेंगे।

चैंपियनशिप

बाढ़ की वजह से कई खिलाड़ी नहीं पहुंचे

कदम की तारीफ करते हुए उनकी टीम के मैनेजर ने कहा कि बाढ़ की वजह से कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को नहीं भेजा था।

उन्होंने कहा, "बाढ़ को देखते हुए कई लोगों नेे अपने बच्चों को चैंपियनशिप में भाग लेने से रोक दिया। कदम कुछ दिनों तक प्रैक्टिस नहीं कर पाये थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि टीम चैंपियनशिप में भाग लेने जा रही है, तो उन्होंने कहा कि वह हर हाल में इसमें भाग लेंगे।"

"कदम की कहानी ने चैंपियनशिप को बनाया खास"

मैनेजर ने बताया कि कदम और उनके पिता ने रात के 3.45 बजे तैरना शुरू किया था और 4.30 बजे पर सड़क पर पहुंचे। वहां उनकी टीम इंतजार कर रही थी। मैनेजर ने कहा कि कदम की कहानी ने इस चैंपियनशिप को खास बना दिया।

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