बुजुर्ग को ट्रेन में चढ़ने से रोकने का आरोप

देश

06 Jul 2019

ट्रेन में चढ़ने से रोका तो बुजुर्ग ने पूछा- क्या ब्रिटिश काल वापस आ गया है?

इटावा में एक 82 वर्षीय बुजुर्ग यात्री को ट्रेन में सफर करने से रोक दिया गया। इसके लिए उनके कपड़ों को वजह बताया गया।

दरअसल, राम अवध दास नामक बुजुर्ग ने बिना सिले हुए कपड़े और धोती पहन रखी थी।

उनके पास कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी का कन्फर्म टिकट था। उन्हें इटावा से ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन उन्हें यात्रा करने से रोक दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कपड़ो को 'अलग तरीके' का बताकर उन्हें सफर से रोका गया।

आरोप

दास ने पूछा- क्या हम ब्रिटिश काल में जी रहे है?

दास ने पूछा- क्या हम ब्रिटिश काल में जी रहे है?

दास ने GRP पर कपड़ों की वजह से सफर न करने का आरोप लगाया है।

हालांकि, उन्होंने उत्तर मध्य रेलवे को भेजी अपनी लिखित शिकायत में इस आरोप का जिक्र नहीं किया है।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक दास ने बताया, "मैं हैरान हूं। ऐसा लग रहा है हम अब भी ब्रिटिश काल में रह रहे हैं। मेरे पास टिकट था फिर भी GRP और कोच अटेंडेट ने मुझे ट्रेन में चढ़ने से रोक दिया।"

शिकायत

इटावा स्टेशन पर दी लिखित शिकायत

दास ने कहा कि वह GRP जवानों से कहते रहे कि उनके पास कन्फर्म टिकट है, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।

दास ने कहा कि ट्रेन में GRP और अधिकारी कहते रहे, "बाबा आप गलत ट्रेन में चढ़ गए हो। आपकी ट्रेन कानपुर में है और कुछ घंटो बाद इटावा पहुंचेगी।"

दास के पास इटावा से गाजियाबाद तक का कन्फर्म टिकट था। इस मामले में इटावा स्टेशन पर शिकायत दी गई है।

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जांच

रेलवे ने जांच के बाद कही यह बात

अपनी शिकायत में दास ने GRP और कोच अटेडेंट पर आरोप लगाया हुए कहा है कि उन्होंने उन्हें ट्रेन में नहीं चढ़ने दिया। जब तक वो दूसरे कोच में पहुंचते, तब तक ट्रेन चल चुकी थी।

रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने अजीत कुमार ने बताया कि जांच में पता चला कि दास गलती से पावर कार में चढ़ गए थे, जहां से उन्हें दूसरे कोच में जाने को कहा गया। जब तक वो दूसरे कोच में जाते, ट्रेन चल पड़ी।

अपने भक्त के घर पूजा करने आए थे दास

दास की एक भक्त ने बताया कि बाबा राम अवध दास उनके घर खास पूजा करने आते हैं और उसके बाद शताब्दी एक्सप्रेस से गाजियाबाद जाते हैं। उन्होंने कहा कि दास बाराबंकी जिले से हैं और अपने भक्तों से मिलने गाजियाबाद जा रहे थे।

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