UPA-2 के कारण हुई चंद्रयान-2 में देरी- पूर्व ISRO प्रमुख

देश

14 Jun 2019

पूर्व ISRO प्रमुख का आरोप, UPA-2 सरकार के कारण हुई चंद्रयान-2 मिशन में देरी

भारत का महत्वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन 15 जुलाई के लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने कहा है कि चंद्रयान-2 को पहले साल 2012 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन UPA सरकार के नीतिगत मतभेदों के कारण ऐसे नहीं हो सका।

इस बीच उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद अंतरिक्ष अभियानों में तेजी आई है।

बयान

पूर्व प्रमुख ने कहा, 2012 में लॉन्च होना था चंद्रयान-2

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए माधवन ने कहा, "वैसे तो देरी इतना गंभीर विषय नहीं है, लेकिन चंद्रयान-1 दस साल पहले लॉन्च किया गया था और चंद्रयान-2 को मूल रूप से 2012 में लॉन्च करने की योजना थी। लेकिन UPA 2 सरकार में नीतिगत मतभेदों के चलते इसमें देरी हुई।"

बता दें कि 2008 में माधवन ने ही चंद्रयान-1 मिशन का नेतृत्व किया था। इसके बाद अक्टूबर 2018 में वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष अभियानों को तेजी

माधवन ने कहा, "NDA सरकार में प्रधानमंत्री मोदी जी ने ISRO के मौजूदा प्रमुख के सिवन के अंतर्गत अंतरिक्ष परियोजनाओं पर अधिकतम जोर दिया है। पिछले कुछ महीनों में कई डिजाइनें बनी हैं। मैं ऐसा जटिल सैटेलाइट बनाने के लिए ISRO को बधाई देना चाहूंगा।"

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नोटिफाई करें

चंद्रयान-2 मिशन

चंद्रमा की सतह पर उतरने वाले चौथा देश बनेगा भारत

15 जुलाई को लॉन्च होने के 52 दिन बाद चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह पर उतरेगा और उसके दक्षिणी हिस्से में खोजबीन और परीक्षण करेगा।

इस मुश्किल जगह पर जाने वाला भारत दुनिया का पहला देश होगा।

चंद्रयान-2 अपने साथ एक आर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) लेकर जाएगा।

अगर ये मिशन कामयाब रहा तो भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद चंद्रमा की सतह पर पहुंचने वाला चौथा देश बन जाएगा।

लक्ष्य

चंद्रमा की सतह पर ये सब करेगा चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 का रोवर चंद्रमा पर 14 दिन रहेगा।

इसमें 6 पहिए हैं और इसका वजन 20 किलो है। यह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा।

वह इस दौरान चंद्रमा की सतह का विश्लेषण करेगा और ऑर्बिटर के जरिए हर 15 मिनट में खनिज एवं अन्य पदार्थों के बारे में डेटा और तस्वीरें भेजेगा।

ISRO चेयरमैन के सिवन के अनुसार, चंद्रयान-2 में कुल 13 पेलोड होंगे। रोवर प्रज्ञान में 3 पेलोड और बाकी के 10 पेलोड लैंडर विक्रम और ऑर्बिटर में होंगे।

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