जानें क्या हैं राफेल लड़ाकू विमान की विशेषताएं

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08 Mar 2019

जानें क्या हैं राफेल लड़ाकू विमान की खासियतें, जिससे जुड़ा सौदा है विवादों में

लोकसभा चुनाव से पहले राफेल सौदा खबरों में बना हुआ है और सुप्रीम कोर्ट इस बात पर सुनवाई कर रही है कि सौदे की जांच होने चाहिए कि नहीं।

मोदी सरकार ने सितंबर 2016 में फ्रांस सरकार से 59,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया था।

सौदे में सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।

इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच आइए आपको भारत को मिलने वाले राफेल विमानों की खासियत बताते हैं।

राफेल विमान

दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में शामिल है राफेल

राफेल लड़ाकू विमानों का निर्माण फ्रांस की दसॉ एविएशन करती है।

राफेल के कुल 3 मॉडल (राफेल C, राफेल B और राफेल M) उपलब्ध हैे।

एक सीट वाले राफेल C और दो सीट वाले राफेल B को वायुसेना और एक सीट वाले राफेल M को नौसेना में उपयोग किया जाता है।

भारत ने 28 राफेल C और 8 राफेल B विमान खरीदे हैं।

राफेल भारतीय वायुसेना के सबसे अच्छे लड़ाकू विमान सुखोई-30 MKI से कई मामलों में बेहतर है।

तुलना

सुखोई-30 से बेहतर है राफेल

सुखोई-30 से बेहतर है राफेल

राफेल में 2 इंजन होते हैं और इस खाली विमान का वजन 10,000 किलो के आसपास है।

यह 9,500 किलो वजन के हथियार लेकर उड़ान भर सकता है।

राफेल की अधिकतम गति 2,000 किलोमीटर प्रति घंटा है।

राफेल की रेंज 780-1,055 किलोमीटर तक है, वहीं सुखोई-30 की रेंज 400-500 किलोमीटर है।

यह सुखोई-30 की 3 के मुकाबले 24 घंटे में 5 उड़ानें भर सकता है।

इसके अलावा राफेल में तकनीकी अपडेट भी बहुत हैं।

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मिस्त्र और कतर ने भी किया है राफेल खरीदने का सौदा

राफेल में एक बार में 4,672 किलो ईंधन भरा जा सकता है और 6,667 किलो ईंधन अलग से ले जाया जा सकता है।

राफेल ने अपनी पहली टेस्ट उड़ान जुलाई 1986 में भरी थी।

अभी केवल फ्रांस की वायुसेना और नौसेना राफेल का उपयोग करती हैं।

वहीं, भारत के अलावा मिस्त्र और कतर ने राफेल विमान खरीदने का सौदा किया है। भारत और कतर 36-36 राफेल खरीद रहें है, वहीं मिस्त्र ने 24 विमानों की खरीद का सौदा किया है।

खासियत

दुश्मन की गतिविधि की पहले ही जानकारी दे देता है रडार

राफेल में Snecma M88-2 इंजन है।

इसका रडार एक साथ 8 टारगेट को ट्रैक कर सकता है और इसे जाम करना भी नामुमकिन है। यह रडार दुश्मन की किसी भी गतिविधि के बारे में पहले से ही खबर देने में सक्षम है।

इसमें वॉइस ऑपरेटिंग सिस्टम भी है और पायलट के हेलमेट में ही सारी जानकारी दिखती है, जिससे उसे नीचे देखने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे पायलट तेजी से टारगेट पर निशाना साध कर हथियार छोड़ सकता है।

विशेषता

ऊंची और ठंडी जगहों से उड़ान भरने में सक्षम

राफेल ऊंची और ठंडी जगहों से भी उड़ान भरने में सक्षम है। इस खासियत के कारण इसे तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए लेह एयरबेस जैसी जगहों पर तैनात किया जा सकता है।

इसके साथ ही राफेल को उड़ान भरने के लिए बड़े रनवे की जरूरत नहीं है और यह मात्र 400 मीटर के रनवे से उड़ान भर सकता है।

यह खासियत भी इसे ऊंची जगहों के लिए सक्षम बनाती हैं क्योंकि वहां बड़े रनवे कम ही होते हैं।

हथियार क्षमता

इन हथियारों से वार करने में सक्षम है राफेल

राफेल मीका, मैजिक, साइविंडर, ASRAAM और AMRAAM जैसी हवा से हवा में वार करने वाली मिसाइलों से लैस है।

राफेल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है।

इसके अलावा अपाचे, AS30L, ALARM, HARM, और PGM100 जैसी हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से भी यह वार कर सकता है।

इसके अलावा भारत को राफेल के साथ हवा से हवा में मार करने वाली METEOR और हवा से जमीन पर मार करने वाली SCALP मिसाइल भी मिलेंगी।

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