गगनयान के यात्रियों को ट्रेनिंग देगी भारतीय वायुसेना

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11 Feb 2019

गगनयान मिशनः ISRO ने वायुसेना को सौंपी अंतरिक्ष यात्रियों के चुनाव और ट्रेनिंग की जिम्मेदारी

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) गगनयान मिशन की तैयारियों में लगा है। इस मिशन के तहत तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

अब ISRO ने अंतरिक्ष में जाने वाले लोगों के चुनाव और उन्हें ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी है।

ISRO ने वायुसेना को मिशन पर जाने वाले के लिए 10 क्रू मेंबर को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी दी है, जिनमें से अंतरिक्ष में जाने वाले तीन लोग चुने जाएंगे।

ट्रेनिंग

ट्रेनिंग लेने वाले 10 में से चुने जाएंगे तीन

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए ISRO प्रमुख के सीवान ने बताया, "हमने क्रू मेंबर के चुनाव और उनकी ट्रेनिंग से जुड़े सभी मानदंडों और जरूरतों को तय कर वायुसेना को सौंप दिया है। ट्रेनिंग के पहले दो चरण भारतीय वायुसेना के इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसन (IAM) बेंगलुरु में होंगे और बाद की ट्रेनिंग विदेशों में होगी।"

उन्होंने कहा कि अभी वायुसेना को 10 लोगों को ट्रेनिंग देने के लिए कहा गया है, जिनमें से तीन चुने जाएंगे।

इंस्टीट्यूट

इस इंस्टीट्यूट में होगी ट्रेनिंग

इस इंस्टीट्यूट में होगी ट्रेनिंग

बेंगलुरू स्थित IAM भारत और दक्षिण एशिया का एकमात्र ऐसा इंस्टीट्यूट है जहां एयरोस्पेस मेडिसन के क्षेत्र में रिसर्च होती है। यहां रिसर्च के साथ-साथ पायलटों को ट्रेनिंग भी दी जाती है।

यह इंस्टीट्यूट पहले एविशन मेडिसन के नाम से जाना जाता था। यहां पर 1980 के दशक में भारत-सोवियत रूस के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में मेडिकल सहायता दी गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे आधुनिक है। इसलिए ISRO ने इसे चुना है।

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टेस्ट फ्लाइट

दो टेस्ट फ्लाइट भेजेगा ISRO

ISRO ने इस मिशन के लिए दिसंबर 2021 की समयसीमा तय की है। दिसंबर में तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान मिशन पर भेजा जाएगा।

इसका अभ्यास करने के लिए ISRO पहले दो मानवरहित फ्लाइट टेस्ट करेगा। पहली फ्लाइट जून 2020 और दूसरी दिसंबर 2020 में भेजी जाएगी।

इनकी पुख्ता सुरक्षा के लिए ISRO बेहद सावधानी से कदम उठा रहा है। इनके बाद दिसंबर 2021 में अंतरिक्ष यात्रियों वाली फ्लाइट भेजी जाएगी।

तैयारियां

'मेड इन वडोदरा' स्पेस सूट पहनेंगे अंतरिक्ष यात्री

इस मिशन पर जाने वाले यात्री वडोदरा में बना स्पेस सूट पहनेंगे। यह विदेशों में बने स्पेस सूट के मुकाबले 20 प्रतिशत हल्का होगा।

इसका निर्माण वडोदरा की 'स्योर सेफ्टी' कंपनी कर रही है। यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सूट बनाने वाली दुनिया की चौथी कंपनी है।

इस सूट में टच स्क्रीन सेंसेटिव ग्लव्स, यूटिलिटी पॉकेट्स आदि होंगे। यह माइनस 40 डिग्री से लेकर 80 डिग्री सेल्सियस के तापमान में काम कर सकता है।

बजट

मिल चुकी है बजट को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रीमंडल ने ISRO के इस मिशन के लिए Rs. 10,000 करोड़ की मंजूरी दी थी।

पहले यह मिशन 2022 में भेजा जाना था, लेकिन अब इसके लिए दिसंबर, 2021 को चुना गया है।

इस मिशन में तीन भारतीयों को सात दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। अगर यह मिशन सफल रहता है तो भारत ऐसा करने वाला चौथा देश होगा।

अभी तक अमेरिका, रूस और चीन ही ऐसे देश हैं जिन्होंने ऐसे मिशन को अंजाम दिया है।

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