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देश
11 Feb 2019

मुंबई 2003 बम धमाकों के दोषी हनीफ मोहम्मद की मौत

मुंबई 2003 बम धमाकों के दोषी की मौत

साल 2003 में मुंबई में हुए बम धमाकों के दोषी आतंकी मोहम्मद हनीफ सैयद की रविवार को नागपुर के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

हनीफ को मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह नागपुर सेंट्रल जेल में बंद था।

शनिवार को उसकी तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

शुरुआती जांच और लक्षणों के मुताबिक माना जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हुई।

प्रसंग

मुंबई 2003 बम धमाकों के दोषी की मौत

मोहम्मद हनीफ

शनिवार को हुई थी तबीयत खराब

जेल अधीक्षक रानी भोसले के मुताबिक, शनिवार शाम को हनीफ की तबीयत अचानक खराब हो गई थी।

इसके बाद उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

भोसले का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।

उनके मुताबिक, हनीफ का पोस्टमार्टम सोमवार को परिजनों की उपस्थिति में किया जाएगा।

मौत की वजह

दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत

परीक्षण के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

जेल अधीक्षक रानी भोसले ने बताया कि शुरुआती लक्षणों और जानकारी में हनीफ की मौत की वजह दिल के दौरे को माना जा रहा है।

हनीफ को 2009 में मौत की सजा सुनाई गई थी। वह नागपुर से पहले यरवदा जेल में बंद था।

2012 में मुंबई हाई कोर्ट द्वारा उसकी फांसी की सजा बरकरार रखे जाने के बाद उसे नागपुर शिफ्ट किया गया था।

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लश्कर-ए-तैयबा

धमाकों में लश्कर-ए-तैयबा का था हाथ

25 अगस्त, 2003 को मुंबई में हुए दो बम धमाकों में हनीफ, उसकी पत्नी फातिमा और तीसरे आरोपी अशरत अंसारी को आतंकवादी गतिविधि निरोधी (POTA) कोर्ट ने 2009 में सजा सुनाई थी।

गेटवे ऑफ इंडिया और झावेरी बाजार पर टैक्सियों में हुए शक्तिशाली बम धमाकों में 52 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 244 लोग घायल हुए थे।

मामले में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ था। उसने पहली बार धमाकों के लिए एक परिवार का इस्तेमाल किया था।

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