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देश
09 Feb 2019

पश्चिम बंगाल में होते हैं सबसे ज्यादा बाल विवाह, दूसरे नंबर पर बिहार

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा बाल विवाह दर

बाल विवाह के मामले में पश्चिम बंगाल देश के सभी राज्यों से आगे है।

पश्चिम बंगाल में 15-19 साल की लड़कियों की शादी के सबसे अधिक मामले देखे गए हैं।

एक तरफ जहां बढ़ती शिक्षा और आय के चलते देश के अन्य राज्यों में बाल विवाह की दर में कमी देखी जा रही है, वहीं पश्चिम बंगाल जैसे राज्य बाल विवाह के बढ़ते मामलों को रोकने में नाकाम रहे हैं।

विस्तार से जानिये इस पूरी रिपोर्ट को।

प्रसंग

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा बाल विवाह दर

सर्वे

पिछले सर्वे में चौथे नंबर पर था पश्चिम बंगाल

साल 2005-06 में हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NHFS-3) के मुताबिक, बाल विवाह के मामले मे बिहार, झारखंड और राजस्थान पहले तीन पायदान पर थे।

इन राज्यों में बाल विवाह की दर क्रमशः 47.8 फीसदी, 44.7 फीसदी और 40.4 फीसदी थी। उस सर्वे में बंगाल 34 फीसदी की दर के साथ चौथे स्थान पर था।

तब से लेकर अब तक स्थिति काफी बदल गई है और अब पश्चिम बंगाल इस मामले में पहले स्थान पर आ गया है।

बिहार, राजस्थान और झारखंड ने किया सुधार

सुधार

बिहार, राजस्थान और झारखंड ने किया सुधार

साल 2015-16 में हुए NHFS-4 के डाटा के मुताबिक, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने इस मामले में काफी सुधार किया है।

इन राज्यों ने बाल विवाह दर को लगभग 20 प्रतिशत तक कम किया है। बतौर सर्वे, उत्तर प्रदेश में अब 15-19 साल के बीच की लड़कियों की शादी की दर 6.4 प्रतिशत है।

इस दौरान बंगाल में बाल विवाह दर में केवल 8.4 प्रतिशत की कमी आई, जिस वजह से यह बाकी राज्यों से ऊपर चला गया।

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क्या है बंगाल का हाल?

बंगाल में अब बाल विवाह की दर 25.6 प्रतिशत है। यह राष्ट्रीय औसत 11 प्रतिशत के दोगुना से भी ज्यादा है। इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल के बाद बिहार (19.7 प्रतिशत), झारखंड (17.8 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (16.6 प्रतिशत) और राजस्थान (16.2 प्रतिशत) का नंबर है।

बाल विवाह के मामले

ग्रामीण इलाकों में शहरी इलाकों से ज्यादा बाल विवाह

NFHS-4 के अनुसार, शहरों के मुकाबले गांवों में बाल विवाह के मामले ज्यादा देखे जाते हैं।

ग्रामीण इलाकों में बाल विवाह की दर 14.1 प्रतिशत है वहीं शहरों में यह 6.9 प्रतिशत है। यानी शहरों के मुकाबले गांवों में दोगुने से ज्यादा बाल विवाह के मामले सामने आते हैं।

बाल विवाह के मामलों का सीधा संबंध शिक्षा और परिवार की आय से है। शिक्षित और ऊंची आय वाले परिवारों में बाल विवाह के सबसे कम मामले सामने आए हैं।

आय और शिक्षा का है सीधा असर

अमीर आबादी में बाल विवाह की दर 5.4 है जबकि गरीब आबादी में यह दर बढ़कर 16.6 प्रतिशत हो जाती है। शिक्षा के हिसाब से देखा जाए तो उच्च शिक्षित आबादी में यह दर 2.4 प्रतिशत और अशिक्षित आबादी में 30.8 प्रतिशत है।

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