नए साल से बदलने वाले नियमों पर एक नजर

बिज़नेस

01 Jan 2019

नए साल से बदल गए बैंक, बीमा और शॉपिंग के नियम, आप पर होगा सीधा असर

नए साल से कई नियम बदल गए हैं। ये नियम हमारे रोज के जीवन पर भी असर डालेंगे।

ये नियम बैंकिंग, टैक्स और शॉपिंग से जुड़े हैं। इन तीनों ही क्षेत्रों से आम लोगों का वास्ता लगभग रोजाना पड़ता है।

इसलिए इन नियमों के बारे में आपका जानना जरूरी है। इन नियमों में बैंकों के डेबिट कार्ड, दुर्घटना बीमा में इजाफा, शॉपिंग पर छूट आदि शामिल है।

आइये विस्तार से जानते हैं इन नियमों के बारे में।

ATM कार्ड

नए साल से नहीं चलेंगे पुराने ATM कार्ड

भारतीय रिजर्व बैंकों के अनुसार, एक जनवरी से मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले ATM कार्ड काम नहीं करेंगे।

1 जनवरी से चिप वाले ATM कार्ड ही चलन में रहेंगे। दरअसल, RBI ने यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से उठाया है।

मैैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड्स के साथ जालसाजी होने की संभावना ज्यादा होती थी।

1 जनवरी से सभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड EMV चिप और पिन आधारित कार्ड्स होने चाहिए। इसके लिए बैंक नए ग्राहकों को चिप वाले कार्ड जारी कर रहे हैं।

GST

नहीं मिलेगी GST वाली छूट

सरकार ने GST लागू होने से पहले बनी चीजों को बेचने के लिए दुकानदारों को 31 दिसंबर तक का समय दिया था।

31 दिसंबर तक दुकानदारों के पास पुराना स्टॉक बेचने का समय था। इसलिए कई दुकानदार स्टॉक खाली करने के लिए ग्राहकों को छूट दे रहे थे, लेकिन नए साल से ऐसा नहीं होगा।

अब से दुकानदारों को GST रेट के तहत ही ग्राहकों को सामान बेचना होगा। इसलिए ग्राहकों का मिलने वाली छूट बंद हो जाएगी।

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दुर्घटना बीमा

Rs. 15 लाख हुआ दुर्घटना बीमा

नए साल से वाहन दुर्घटना की स्थिति में मिलने वाली रकम में बढ़ोतरी हो गई है।

अब ऐसी दुर्घटना की स्थिति में मिलने वाली रकम Rs. 1 लाख से बढ़ाकर Rs. 15 लाख कर दी गई है।

इंश्योरेंस रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने निर्देश जारी करते हुए इंश्योरेंस कंपनियों को कहा है कि मालिक या ड्राइवर के लिए मोटर इंश्योरेंस पॉलिसीज बढ़ाकर Rs. 15 लाख तक की जाए।

इसके लिए Rs. 750 का प्रीमियम तय किया गया है।

चेकबुक

नॉन CTS चेकबुक हुई बेकार

नए साल से नॉन CTS चेकबुक प्रयोग में नहीं आएगी।

1 जनवरी से इस पुरानी चेकबुक से ग्राहक कोई लेन-देन नहीं कर पाएंगे।

रिजर्व बैंक ने लगभग तीन महीने पहले 1 जनवरी, 2019 से इस चेकबुक का प्रयोग बंद करने का आदेश दिया था।

दरअसल नॉन CTS चेक कंप्यूटर द्वारा रीड नहीं किये जा सकते, जबकि CTS चेक को कंप्यूटर रीड कर सकता है।

इसलिए नॉन CTS चेकबुक पर रोक लगाई गई है।

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