ऑटो सेक्टर की मंदी पर निर्मला सीतारमण का बयान

बिज़नेस

10 Sep 2019

ऑटो सेक्टर की मंदी पर निर्मला सीतारमण का बयान- कंपनियों की मांगों पर ध्यान देगी सरकार

दो दशकों में अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे ऑटो सेक्टर को लेकर सरकार ने कदम उठाने की बात कही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ऑटो सेक्टर की मांगों पर ध्यान देगी।

उन्होंने कहा, "हमें पता है कि इस बारे में कदम उठाने होंगे।" साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वित्त मंत्रालय पहले ही ऑटो कंपनियों के लिए कई सुझावों पर काम कर रहा है।

आइये, यह पूरी खबर जानते हैं।

मांग

GST दरों पर 20 सितंबर को होगा फैसला

कार कंपनियां लंबे समय से ऑटोमोबाइल पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) की दर कम करने की मांग कर रही है।

अभी इस पर 28 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है। सीतारमण ने कहा कि 20 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल में इस मांग पर फैसला किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने कंपनियों और ग्राहकों को भरोसा दिया कि 31 मार्च, 2020 से पहले रजिस्टर होने वाले BS-IV एमिशन नॉर्म्स वाले वाहनों पर किसी तरह की रोक नहीं लगेगी।

मंदी

मंदी से गुजर रही है भारतीय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय मंदी के दौर से गुजर रही है। अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था की दर 5 प्रतिशत रही।

यह पिछले छह सालों की सबसे कम दर है। कम होती मांग, निजी निवेश में गिरावट, बढ़ती बेरोजगारी और ऑटो सेक्टर में छाई मंदी- सबसे तेज बढ़ रही अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतियां पैदा कर रही हैं।

देश का ऑटो सेक्टर फिलहाल पिछले दो दशक के अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है, जिससे लाखों नौकरियां गई हैं।

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नोटिफाई करें

बिक्री

ये रहे अगस्त महीने के आंकड़े

सोमवार को जारी आकंड़ों के मुताबिक, अगस्त में सालाना आधार पर पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 31.57 प्रतिशत और कारों की बिक्री में 41.09 प्रतिशत की गिरावट आई।

अगस्त लगातार ऐसा 10वां महीना रहा है जब पैसेंजर व्हीकल और कारों की बिक्री में गिरावट देखी गई।

अगस्त में 1,96,524 पैसेंजर व्हीकल बिके, वहीं कारों की बिक्री की आंकड़ा 1,15,957 रहा।

इस दौरान बस और ट्रकों की बिक्री 39 प्रतिशत और टू-व्हीलर्स की बिक्री में 22 प्रतिशत की कमी आई।

कमर्शियल वाहनों की बिक्री पर भी पड़ा असर

पैसेंजर व्हीकल के साथ-साथ कमर्शियल व्हीकल की बिक्री सालाना आधार पर 38.7 प्रतिशत घटकर 51,987 रह गई है। वहीं वाहनों के निर्यात में भी कमी देखी गई और यह पिछले साल अगस्त की तुलना में 2.4 प्रतिशत कम होकर 4.2 लाख यूनिट हो गया।

प्रोडक्शन

कई ऑटो कंपनियों ने बंद किया प्रोडक्शन

ऑटो सेक्टर में आई इस मंदी के कारण लाखों लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है।

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, ऑटो निर्माता और पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों और डीलर्स ने 3.5 लाख लोगों को निकाला है।

कम होती मांग के चलते देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने बीते शनिवार और सोमवार को दो दिनों तक प्रोडक्शन बंद रखा था। वहीं अशोक लेलैंड ने अपने पांच प्लाटों में प्रोडक्शन बंद करने का ऐलान किया था।

फेस्टिव सीजन

फेस्टिव सीजन के इंतजार में ऑटो कंपनियां

मंदी से जूझ रहे ऑटो सेक्टर को फेस्टिव सीजन का इंतजार है। कंपनियों को उम्मीद है कि इस सीजन के दौरान बाजार के हालात सुधर सकते हैं।

दरअसल, अक्तूबर-नववंबर में दीवाली जैसा बड़ा त्योहार आता है, जब लोग नए वाहन खरीदना शुभ मानते हैं।

इस सीजन में कंपनियां अपनी सालभर की कुल बिक्री का एक तिहाई हिस्सा बेच लेती है।

ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि यह फेस्टिव सीजन बिक्री में आई गिरावट को खत्म कर सकता है।

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