आयकर विभाग से नोटिस मिलने के कारण

बिज़नेस

31 Aug 2019

अगर आपको भी आयकर विभाग से नोटिस मिला है, तो हो सकते हैं ये कारण

भले ही आपको यह सही लगे या न लगे, लेकिन आपको कभी भी आयकर विभाग से मिले हुए नोटिस को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

आयकर विभाग आमतौर पर देर से ITR फ़ाइल करने के मामले में नोटिस भेजता है। इसके अलावा अगर ITR फ़ॉर्म में कोई गलती होने पर भी नोटिस भेजी जाती है।

यहाँ छह सामान्य कारण बताए गए हैं, जिनकी वजह से आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है। जानिए आप उनके बारे में क्या कर सकते हैं।

#1

ITR फ़ाइल न करने या देर से करने पर

अगर आप नियत तारीख़ तक अपना ITR फ़ाइल नहीं करते हैं, तो आयकर विभाग आपको इस संबंध में एक रिमाइंडर नोटिस भेज सकता है।

समय पर आप अपना ITR फ़ाइल करके 1,0000 रुपये के दंड, 1% के ब्याज और यहाँ तक की सज़ा से भी बच सकते हैं।

नोट: 2018-19 वित्त वर्ष के लिए आज यानी 31 अगस्त, 2019 ITR फ़ाइल करने का अंतिम दिन है। अगर अब तक आपने अपना ITR फ़ाइल नहीं किया है, तो अभी करें।

#2

अगर आपके रिटर्न में कोई गलती या बेमेल हो

अगर आपके द्वारा फ़ाइल किए गए रिटर्न में कोई बेमेल या गलती है, तो आपको आयकर विभाग इसकी जानकारी देने के लिए एक नोटिस भेज सकता है।

इसमें आप अपनी आय का कुछ हिस्सा घोषित करना भूल गए हों या गलत अनुभाग के तहत कटौती का दावा करना या ITR फ़ाइल करने के लिए गलत फ़ॉर्म का चयन करना कुछ भी हो सकता है।

ऐसी स्थितियों में नोटिस और अपने रिटर्न की समीक्षा करें और आवश्यक सुधार करें।

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#3

कुछ उच्च मूल्य लेनदेन की रिपोर्ट नहीं करने के लिए

कुछ उच्च मूल्य लेनदेन की रिपोर्ट नहीं करने के लिए

अगर आप कुछ उच्च मूल्य लेनदेन की रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो भी आपको आयकर विभाग नोटिस भेज सकता है।

इन लेनदेन में 2 लाख रुपये या उससे अधिक का क्रेडिट कार्ड भुगतान, बैंक में 10 लाख रुपये या उससे अधिक जमा और 5 लाख रुपये या उससे अधिक का डिबेंचर/बॉन्ड में निवेश शामिल है।

इसलिए, हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आप इस तरह का लेनदेन करते समय अपने पैन का विवरण प्रस्तुत करें।

#4

TDS राशि में गलती के मामले में

आपके द्वारा दिखाए गए कर टैक्स डिडक्टेड सोर्स (TDS) की मात्रा और एक विशेष वित्तीय वर्ष के दौरान कटौती किए गए वास्तविक TDS में बेमेल होने पर भी आयकर विभाग नोटिस भेजता है।

ऐसा तब हो सकता है, जब आपका नियोक्ता अपना TDS रिटर्न फ़ाइल करना भूल गया हो, लेकिन आपके ITR में भी यही दिखाया गया है।

ऐसी स्थिति में सुनिश्चित करें कि फ़ॉर्म 26AS में TDS राशि आपके ITR राशि से मिलती हुई हो।

#5

अगर आप परिवार से सदस्यों के नाम पर निवेश ख़रीदते हैं

कई लोग अपने पति/पत्नी, बच्चों, माता-पिता और भाई-बहनों एवं परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर संपत्ति ख़रीदते हैं, ताकि टैक्स से बच सकें।

लेकिन, इन स्त्रोतों से संबंधित कोई भी आय उन टैक्स को आकर्षित करने के लिए बाध्य है, जिन्हें आपके द्वारा भुगतान किया जाना चाहिए।

अगर आप ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो आयकर विभाग आपको इस मामले में नोटिस जारी कर सकता है। इससे बचने के लिए इस तरह की ख़रीद-फ़रोख्त से बचें।

आयकर विभाग आपके ITR की अनियमित रूप से जाँच कर सकता है

आयकर विभाग ने अधिक कर अनुपालन करने के लिए यादृच्छिक रूप से रिटर्न की जाँच शुरू कर दी है। अगर आप इस संबंध में धारा 143 (2) के तहत नोटिस प्राप्त करते हैं, तो इसकी जाँच करें और समय के अंदर उसका जवाब दें।

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