नए शोध ने खोली सिंगुलैरिटी और डार्क मैटर की गुत्थी
अप्रैल में फिजिकल रिव्यू लेटर्स में छपा एक नया शोध बताता है कि ब्लैक होल में शायद वे रहस्यमयी सिंगुलैरिटी (ब्लैक होल का केंद्र बिंदु) नहीं होतीं, जहां भौतिकी के नियम काम करना बंद कर देते हैं।
गोएथे यूनिवर्सिटी के फ्रांसेस्को डी फिलिप्पो ने चार्ज्ड ब्लैक होल पर गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि चार्ज की वजह से होने वाला प्रतिकर्षण और हॉकिंग रेडिएशन, सिंगुलैरिटी को शुरुआत में ही बनने से रोक सकते हैं।
रेमनेंट्स डार्क मैटर को समझाने में कर सकते हैं मदद
डी फिलिप्पो की इस रिसर्च से जनरल रिलेटिविटी की 2 बड़ी समस्याओं पर बात की गई है। सिंगुलैरिटी और एक खास बिंदु के बाद के अनिश्चित स्पेस-टाइम की गुत्थी सुलझाने में यह मददगार हो सकती है।
इससे भी दिलचस्प बात यह है कि रिसर्च से मिले ये विचार सिर्फ चार्ज्ड ब्लैक होल तक ही सीमित नहीं, बल्कि प्रकृति में मौजूद दूसरे ब्लैक होल पर भी लागू हो सकते हैं।
इसके साथ ही, यह डार्क मैटर को समझने के नए रास्ते भी खोलता है। अगर, ये ब्लैक होल पूरी तरह से खत्म नहीं होते, बल्कि अपने पीछे छोटे-छोटे रेमनेंट्स छोड देते हैं तो ये बचे हुए अंश बता सकते हैं कि डार्क मैटर आखिर कहां से आता है।