गूगल क्लाउड ने AI से नौकरियां जाने के दावों को किया खारिज
गूगल क्लाउड ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, विप्रो और HCLटेक जैसी बड़ी भारतीय IT कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है। इसका मकसद 'जेमिनी एंटरप्राइज' प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए कंपनियों के लिए व्यावहारिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स तैयार करना है।
गूगल क्लाउड के मैट रेनर ने उन अफवाहों को सिरे से खारिज किया है कि AI भारतीय IT कंपनियों का वजूद खत्म कर देगा। उन्होंने इन आशंकाओं को 'मिथक और झांसा' बताया।
रेनर का कहना है कि इसके उलट 'फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर्स' की मांग लगातार बढ़ रही है। ये वे विशेषज्ञ होते हैं, जो कंपनियों को AI का वास्तविक दुनिया में प्रभावी ढंग से उपयोग करने में सहयोग देते हैं।
उद्योगों के लिए मिलेंगे AI समाधान और एजेंट
जेमिनी एंटरप्राइज पहल का मुख्य मकसद ऐसे AI समाधान और 'कस्टम एजेंट' बनाना है, जो अलग-अलग उद्योगों की वास्तविक समस्याओं को सुलझा सकें।
एक तरफ जहां AI से पारंपरिक तकनीकी नौकरियां छिनने की चिंताएं हैं, वहीं रेनर बताते हैं कि इसके साथ ही कई नई भूमिकाएं भी पैदा हो रही हैं। कंपनियां अब ऐसे विशेषज्ञ ढूंढ रही हैं, जो इन नए AI टूल्स का अधिकतम लाभ उठाना जानते हों।
एंटरप्राइज AI की दिशा में इस बढ़ती सक्रियता से गूगल क्लाउड को पिछली तिमाही में अच्छा राजस्व मिला है। हालांकि, अभी भी यह AWS और माइक्रोसॉफ्ट एज्योर से पीछे चल रहा है।