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राजस्थान की नृत्य कला है यहां की सांस्कृतिक धरोहर, जानिए इसके 5 प्रकार
राजस्थान के 5 लोक नृत्य

राजस्थान की नृत्य कला है यहां की सांस्कृतिक धरोहर, जानिए इसके 5 प्रकार

लेखन सयाली
Feb 04, 2026
06:21 pm

क्या है खबर?

राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक नृत्य के लिए जाना जाता है। यहां के पारंपरिक डांस न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि इतिहास और संस्कृति का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। आपने घूमर के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन यहां इसके अलावा भी कई डांस फॉर्म प्रचिलित हैं। इन नाचों में पहनावा, संगीत और नाच की शैली अनोखी होती हैं। आइए राजस्थान के 4 लोक नृत्य के बारे में जानें।

#1

घूमर

घूमर राजस्थान की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक पारंपरिक नृत्य है। यह डांस खासतौर पर शादी-ब्याह जैसे अवसरों पर किया जाता है। घूमर में महिलाएं रंग-बिरंगे लहंगे पहनती हैं और गोल घेरे में घूमकर नाचती हैं। इस दौरान उनका सिर घुमाने से एक खास प्रभाव उत्पन्न होता है, जो दर्शकों को आकर्षित कर देता है। भील जनजाति ने इसकी शुरुआत की थी, जिसे शाही समारोहों और त्योहारों के दौरान प्रदर्शित किया जाता था।

#2

गींदड़

गींदड़ राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का एक पारंपरिक नृत्य है, जो पुरुषों द्वारा किया जाता है। इसमें पुरुष अपने पारंपरिक कपड़ों में सजकर नाचते हैं और कई तरह के करतब दिखाते हैं। गींदड़ नाच में तलवारबाजी करते हुए ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचना शामिल होता है। पुरुष गोल घेरे में घूमते हैं और ढोल और थाली की थाप पर छड़ियों से ताल मिलाते हुए नृत्य करते हैं। इसे होली के जश्न के दौरान खास तौर पर किया जाता है।

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#3

कालबेलिया

कालबेलिया राजस्थान का एक प्रसिद्ध डांस है, जिसे सांपों की जातियों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। इस नाच में कलाकार सांपों की तरह लहराते हुए कदम उठाते हैं और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते हैं। इसमें महिलाएं भी काले रंग के घाघरे में सांप जैसी गति के साथ नृत्य करती हैं। मुख्य रूप से पाली, अजमेर और उदयपुर क्षेत्रों में निवास करने वाली जनजाति यह नृत्य करती है। इसके दौरान पुंगी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाए जाते हैं।

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#4

चरी

चरी राजस्थान की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला एक पारंपरिक नाच है, जिसमें वे लंबे डंडों पर संतुलन बनाकर नाचती हैं। इस दौरान वे रंग-बिरंगे कपड़ों में सजी होती हैं और डंडों के साथ कई तरह के करतब करती हैं। चरी नाच राजस्थान की बालिकाओं की कला और कौशल का प्रदर्शन करता है, जो दर्शकों को रोमांचित करता है। यह नाच राजस्थान की संस्कृति का अहम हिस्सा है और मेलों में देखने को मिलता है।

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