शहीद की मां से मिलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, देश ने किया सर्वोच्च बलिदान को नमन
राष्ट्रपति भवन में हुए कीर्ति चक्र समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी की मां से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। लेफ्टिनेंट तिवारी को उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र से नवाजा गया था। यह सम्मान शांति काल में वीरता के लिए भारत का दूसरा सबसे बड़ा पदक है। राष्ट्रपति की इस भावुक मुलाकात से साफ दिखा कि देश अपने वीर सैनिकों और उनके परिवारों का कितना सम्मान करता है।
भावुक भाषणों ने लेफ्टिनेंट शशांक को दी श्रद्धांजलि
इस मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी, सेना के प्रमुख और लेफ्टिनेंट तिवारी के परिवार के सदस्य मौजूद थे। वहां दिए गए भावुक भाषणों में लेफ्टिनेंट तिवारी की बहादुरी और देश सेवा के प्रति उनके निस्वार्थ भाव को सराहा गया। इन भाषणों में भारत की सुरक्षा के लिए उनकी लगन और समर्पण की खूब तारीफ हुई। वहीं, राष्ट्रपति मुर्मू की शहीद के परिवार से हुई भावुक मुलाकात ने यह भी दर्शाया कि जहां सैनिक देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हैं, वहीं उनके परिजनों का हौसला भी बेहद खास होता है।