लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज प्रशार को शौर्य चक्र, बंदीपोरा में किया कुख्यात आतंकी का सफाया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 जून, 2026 को लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज प्रशार को शौर्य चक्र से नवाजा है। उन्हें जम्मू-कश्मीर के बंदीपोरा जिले में एक मुश्किल ऑपरेशन के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए यह सम्मान मिला है। राष्ट्रपति भवन में हुए इस खास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई दूसरे बड़े अधिकारी भी मौजूद थे।
सूरज ने A++ विदेशी आतंकवादी को मार गिराने में की मदद
सूरज की टीम नवंबर 2024 में चुंटावाड़ी गांव में देर रात सर्च ऑपरेशन कर रही थी। तभी अचानक आतंकवादियों ने एक घर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में कुछ सैनिक घायल हो गए। खतरनाक गोलाबारी के बीच भी सूरज ने अदम्य साहस दिखाया और एक A++ श्रेणी के विदेशी आतंकवादी को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी टीम को हर पल की ताजा जानकारी भी दी। उनकी सूझबूझ और बेहतरीन नेतृत्व की बदौलत ही यह ऑपरेशन कामयाब हो सका। इस मिशन में शामिल असिस्टेंट कमांडेंट मोहम्मद शफीक, लेफ्टिनेंट कमांडर राम गोयल और कांस्टेबल सद्दाम हुसैन को भी उनके शानदार प्रदर्शन के लिए शौर्य चक्र से नवाजा गया है।